September 12, 2026

मैहर कलेक्टर का अनोखा अंदाज, खुद शिक्षक बनकर पढ़ाया पाठ; लापरवाही पर थमाया नोटिस

मैहर| मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मैहर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने गुरसरी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय विद्यालय, शासकीय उचित मूल्य दुकान और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं को परखा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरसरी के भ्रमण के दौरान कलेक्टर का अनूठा रूप देखने को मिला, जहां उन्होंने दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के सम्मुख अध्यापिका की भूमिका निभाते हुए संवाद किया और उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया।

विद्यार्थियों संग संविधान व विज्ञान पर संवाद

कक्षा में प्रविष्ट होकर कलेक्टर मुखर्जी ने छात्र-छात्राओं से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने उर्वरक, भारतीय संविधान और बायोलॉजिकल सेल जैसे गूढ़ विषयों से जुड़े प्रश्न पूछकर विद्यार्थियों की समझ को परखा। अधिकारी के सरल व्यवहार से प्रोत्साहित होकर विद्यार्थियों ने भी निसंकोच उत्तर दिए। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन करने की सलाह दी और उन्हें प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, पुलिस विभाग तथा खेल जगत में अपना भविष्य संवारने हेतु प्रेरित किया।

शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा व लापरवाही पर कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पठन-पाठन का स्तर और उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता पाए जाने पर उन्होंने संस्था के प्राचार्य ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह एवं राजनीति शास्त्र के शिक्षक राम प्रकाश तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही भविष्य में लापरवाही दोहराए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

खाद्यान्न वितरण एवं गुणवत्ता की जमीनी पड़ताल

इसके पश्चात कलेक्टर ने गुरसरी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने राशन वितरण की व्यवस्था, भंडारित खाद्यान्न तथा हितग्राहियों को दी जा रही सुविधाओं की गहन जांच की। मौके पर उपस्थित नागरिकों से संवाद कर गेहूं व चावल के नमूनों को स्वयं देखा। केंद्र संचालक ने अवगत कराया कि पंजीकृत 516 हितग्राहियों में से 400 को राशन बांटा जा चुका है, जिस पर कलेक्टर ने शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ समय पर राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का अवलोकन

निरीक्षण की अगली कड़ी में कलेक्टर ने स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र का रुख किया। वहां उन्होंने बच्चों को दी जाने वाली पोषण सामग्री, दैनिक गतिविधियों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को देखा। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंचना अनिवार्य है।

जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश

दौरे के समापन पर कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनविश्वास अभियान की मंशा के अनुसार जनसेवा करने की सीख दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से मिलना चाहिए और स्थानीय शिकायतों का निराकरण बिना विलंब के होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान जहां एक ओर उनका सहृदय शिक्षक रूप दिखा, वहीं प्रशासनिक ढिलाई पर सख्त रुख भी स्पष्ट देखने को मिला।