भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में नियुक्तियों का सिलसिला तेज कर दिया है। इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य महिला आयोग के रिक्त पदों को भर दिया गया है। छतरपुर जिले की कद्दावर नेता और बड़ामलहरा की पूर्व विधायक रेखा यादव को मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की कमान सौंपी गई है।
आयोग में अध्यक्ष के साथ ही साधना स्थापक को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, इन दोनों की नियुक्तियां तीन वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होंगी।
नियुक्तियों के पीछे का सियासी गणित
राजनीतिक गलियारों में इन नियुक्तियों को काफी अहम माना जा रहा है। 2008 में बड़ामलहरा से भाजपा विधायक रहीं रेखा यादव की क्षेत्रीय पकड़ और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को इस जिम्मेदारी का मुख्य आधार माना जा रहा है। वर्तमान में महिला आरक्षण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, इस नियुक्ति को सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
6 साल से खाली था पद
उल्लेखनीय है कि राज्य महिला आयोग लंबे समय से नेतृत्व विहीन था। 2020 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने शोभा ओझा को अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद शिवराज सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया था। यह मामला लंबे समय तक कानूनी पेचीदगियों में फंसा रहा। अब करीब 6 साल के अंतराल के बाद आयोग को नया अध्यक्ष और सदस्य मिले हैं।
मुख्य बिंदु:
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अध्यक्ष: रेखा यादव (पूर्व विधायक, बड़ामलहरा)
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सदस्य: साधना स्थापक
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कार्यकाल: 3 वर्ष
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नियुक्ति तिथि: 2 मई 2026
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कुल नियुक्तियां: प्रदेश में अब तक विभिन्न निगम-मंडलों में लगभग 29 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं।

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