नई दिल्ली। कच्चे तेल के दाम में लगातार बढ़ोतरी के कारण सरकार पेट्रोल-डीजल और एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने पर विचार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें 4-5 रूपए प्रति लीटर तक बढ़ानी पड़ सकती हैं। वहीं घरेलू एलपीजी की कीमत 40-50 रूपए प्रति सिलेंडर तक बढ़ सकती हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है, जब 1 मई से कमर्शियल एलपीजी के दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब ईंधन और रसोई गैस की कीमतें बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
सरकार के शीर्ष अधिकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार एलपीजी गैस के दाम और पेट्रोल-डीजल में बढ़ोतरी करके तेल कंपनियों और सरकारी खजाने पर से बोझ को कम करना चाहती है, क्योंकि ईरान-अमेरिका तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊपर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 126 रुपये से ज्यादा हो गए हैं, जो मार्च 2022 के बाद के बाद सबसे ज्यादा हैं। इस कारण सरकार और तेल कंपनियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है।
हर तरह का विकल्प तलाश रही सरकार
अधिकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार पश्चिम एशिया के हालात पर नजर रखे हुए है। अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। संभावित बढ़ोतरी पर फैसला 5-7 दिनों के भीतर होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी से तेल कंपनियों को नुकसान हुआ है। साथ ही कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से राजकोषीय बोझ बढ़ रहा है। ऐसे आंतरिक चर्चाएं जारी हैं, कई तरह के विकल्?प तलाशे जा रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि महंगाई का असर कम से कम हो।
4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
सरकार के शीर्ष अधिकारी सूत्रों का कहना है कि अगर मंजूरी मिली, तो लगभग 4 साल बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह पहली बढ़ोतरी होगी। 2022 से पेट्रोल और डीजल की कीमतें में कोई बदलाव नहीं हुआ है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि बीते चार साल से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। बीते 60 दिन से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण कच्चे तेल के आयात की लागत तेजी से बढ़ी, फिर भी देश में ईंधन के दाम नहीं बढ़े, जबकि दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दामों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। सैन्य संघर्ष की वजह से कई देशों में उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की लिमिट तय हो गई, लंबी लाइनें देखने को मिलीं, लेकिन भारत ने ऐसी स्थिति नहीं बनने दिया। देश की रसोई में ईंधन सप्लाई नहीं रुकी। पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। वहीं आखिरी बार रसोई गैस के दाम में 7 मार्च को इजाफा हुआ था। अभी दिल्ली में रसोई गैस की कीमत 913 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये, चेन्नई में 928.50 रुपये और कोलकाता में एक रसोई सिलेंडर की कीमत 939 रुपये है।

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