मेरठ। शहर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में स्थित ओडियन नाले की भयावह स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा है। पिछले एक साल के भीतर इस खुले नाले से पांच शव बरामद होने के बाद लोगों ने नाले को ढकने और इसके ठीक सामने स्थित देसी शराब के ठेके को वहां से हटाने की मांग तेज कर दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के समीप और थाने के बिल्कुल सामने चल रहा यह ठेका लगातार दुर्घटनाओं और विवादों का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में रविवार को भी इसी नाले से एक अज्ञात युवक का शव मिला था, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
धार्मिक स्थल के पास जमावड़ा, सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह शराब का ठेका प्रसिद्ध भूमिया माता मंदिर के बेहद करीब स्थित है। लोगों का गंभीर आरोप है कि दिन-रात सड़क किनारे शराब पीने वालों की भीड़ लगी रहती है। सोमवार को जब क्षेत्र का जायजा लिया गया, तो कई लोग खुलेआम सड़क पर और यहाँ तक कि एटीएम केंद्र के बाहर भी नशा करते नजर आए। नशे में धुत लोगों के लड़खड़ाने से कभी भी बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है।
हादसा या साजिश? जांच की मांग
पुलिस का मानना है कि अक्सर लोग नशे की हालत में संतुलन खो देते हैं और इस 15 फुट चौड़े व 10 फुट गहरे खुले नाले में गिर जाते हैं, जिससे उनकी जान चली जाती है। हालांकि, क्षेत्र के लोग इस थ्योरी पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार शव मिलना केवल इत्तेफाक नहीं हो सकता, इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए कि ये मौतें महज हादसे हैं या इसके पीछे कोई और वजह है।
निवासियों की प्रतिक्रियाएँ
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करण कपूर: "थाने के सामने होने के बावजूद यहाँ खुलेआम सड़क पर शराब पी जाती है। प्रशासन को तुरंत ठेका हटाना चाहिए और नाले को कवर करना चाहिए।"
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मुकेश शर्मा व प्रशांत कौशिक: "खुला नाला बच्चों और छात्राओं के लिए बड़ा खतरा है। इस मार्ग से स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।"
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संध्या: "मंदिर आने वाली महिलाओं के लिए यहाँ का माहौल बहुत असहज और असुरक्षित हो गया है।"
प्रशासनिक कदम: डीएम को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी को इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) के नाम एक विस्तृत पत्र तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इस पत्र में जनहित और सुरक्षा का हवाला देते हुए शराब के ठेके को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का कड़ा प्रस्ताव रखा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है और इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाएगा।

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