भोपाल। मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में राजघराने की विरासत और शिक्षा को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए इंदौर के प्रसिद्ध डेली कॉलेज की याद दिलाई। सिंधिया की इस टिप्पणी के बाद राज्य की राजनीति में एक नई चर्चा शुरू हो गई है।
क्या है डेली कॉलेज का इतिहास
इंदौर स्थित डेली कॉलेज देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है। इसकी स्थापना साल 1882 में मध्य भारत की रियासतों के राजा-महाराजाओं और शासक परिवारों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के उद्देश्य से की गई थी। सिंधिया परिवार का इस ऐतिहासिक कॉलेज के साथ पुराना और गहरा नाता रहा है। खास बात यह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी इसी कॉलेज से अपनी शिक्षा पूरी की है।
सियासी गलियारों में चर्चा का विषय
केंद्रीय मंत्री के इस तंज को राजनीतिक विश्लेषक एक सियासी कटाक्ष के रूप में देख रहे हैं। मध्य प्रदेश की सियासत में ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच वैचारिक व राजनीतिक दूरियां जगजाहिर हैं। शाही पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच अब स्कूल के दिनों और पारिवारिक इतिहास का जिक्र आना आम जनता और सियासी हलकों में बहस का नया मुद्दा बन गया है।

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