September 9, 2026

ईरान-अमेरिका में फिर आर-पार! 5 टैंकर तबाह, तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने को बनाया निशाना

वाशिंगटन: पिछले छह महीनों से अधिक समय से जारी अमेरिका और ईरान के बीच का सैन्य संघर्ष अब अत्यंत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने भीषण कार्रवाई करते हुए ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इनमें से चार टैंकर ओमान की खाड़ी में और एक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तैनात था।

ईरान का पलटवार: जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमला

अमेरिकी कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान ने भी तीखा जवाबी प्रहार किया। ईरानी बलों ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अल-अजराक एयर बेस को लक्ष्य बनाकर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन के सैन्य सूत्रों के अनुसार, उनकी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) ने 18 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि दो मिसाइलें निर्जन स्थानों पर गिरीं, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस बीच, ईरान ने कुवैत और बहरीन को चेतावनी देते हुए उनके तटों के पास मौजूद तेल टैंकरों को तुरंत हटने का फरमान सुनाया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के मध्य बढ़ते इस टकराव का सर्वाधिक विपरीत असर होर्मुज जलडमरूमध्य (Straight of Hormuz) पर पड़ा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे प्रमुख समुद्री मार्ग है। अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और दोनों देशों के बीच जारी गोलाबारी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतें बढ़कर 99.46 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई हैं। ऊर्जा दरों में वृद्धि से वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी घरेलू राजनीति पर गहरा दबाव बन रहा है।

ईरानी विमानन क्षेत्र पर नए अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध

सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर चौतरफा आर्थिक नकेल कसने के लिए उसके विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) पर भी कठोर प्रतिबंध आयद कर दिए हैं। इसके तहत दो दर्जन से अधिक वाणिज्यिक और निजी एयरलाइंस को प्रतिबंधित किया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर होने वाले प्रत्येक हमले का करारा जवाब दिया जाएगा और ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

अनियंत्रित पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ता तनाव, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज क्षेत्र में तेल टैंकरों पर लगातार हो रहे हमलों से यह संघर्ष नियंत्रण से बाहर हो सकता है। ईरान द्वारा 'बहिष्करण क्षेत्र' घोषित करने और अमेरिका द्वारा नौसैनिक नाकेबंदी को कड़ा करने से ओमान की खाड़ी में युद्ध के और विकराल होने की आशंका गहरा गई है। विशेषज्ञों का चेतावनी भरा आकलन है कि इस गतिरोध का कोई सैन्य समाधान संभव नहीं है और यह टकराव पूरी दुनिया को भीषण आर्थिक मंदी की ओर धकेल सकता है।