इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 89 रनों की एकतरफा और विशाल जीत दर्ज कर गुजरात टाइटंस ने अंक तालिका के शीर्ष दो (टॉप-2) स्थानों में अपना स्थान लगभग पक्का कर लिया है। इस शानदार कामयाबी के बाद टीम के दिग्गज स्पिनर और उपकप्तान राशिद खान ने गुजरात की निरंतर सफलता के पीछे के मुख्य राज से पर्दा उठाया है। राशिद ने स्पष्ट किया कि टीम ने पूरे सत्र के दौरान अपनी कमजोरियों पर माथापच्ची करने के बजाय खिलाड़ियों के हुनर, उनकी ताकतों और एकजुट होकर प्रदर्शन करने की भावना पर अपना भरोसा डिगने नहीं दिया।
राशिद खान ने बातचीत के दौरान कहा, "मेरा मानना है कि दुनिया की हर क्रिकेट टीम में हमेशा सुधार की गुंजाइश बनी रहती है। हर टीम का कोई न कोई पक्ष मजबूत होता है तो कोई कमजोर। कोई भी टीम पूरी तरह से शत-प्रतिशत परफेक्ट नहीं हो सकती, चाहे आपके पास कागजों पर कितने ही बड़े और दिग्गज नाम क्यों न मौजूद हों।"
'कमियों पर ज्यादा ध्यान देने से होता है नुकसान'
आईपीएल के इस सीजन में गुजरात के मिडिल ऑर्डर (मध्यक्रम) की बल्लेबाजी को लेकर लगातार आलोचनाएं होती रहीं और सवाल उठाए गए। इस पर बेबाकी से जवाब देते हुए उपकप्तान ने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने इन बाहरी चर्चाओं और दबाव को कभी भी ड्रेसिंग रूम के माहौल पर हावी होने नहीं दिया।
राशिद ने कहा, "पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारे मध्यक्रम को लेकर काफी बातें की गईं, लेकिन मैदान पर हर खिलाड़ी किसी न किसी रूप में अपना अमूल्य योगदान दे रहा है। सभी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हैं और टीम हित में यही सबसे ज्यादा मायने रखता है। अगर आप हमेशा अपनी 10 या 15 प्रतिशत कमियों के बारे में ही लगातार सोचते रहेंगे, तो इसका सीधा नकारात्मक असर आपकी बची हुई 75 या 80 प्रतिशत ताकतों पर भी पड़ने लगेगा।"
रणनीति को पेचीदा बनाने के बजाय आसान रखने में विश्वास
अफगानिस्तान के इस विश्व प्रसिद्ध फिरकी गेंदबाज ने बताया कि गुजरात टाइटंस की कोर फिलॉसफी चीजों को ज्यादा पेचीदा बनाने के बजाय बेहद सरल और साधारण रखने में है। उन्होंने कहा, "हम खेल को आसान बनाए रखते हैं। सामने विरोधी टीम चाहे कोई भी हो, हमारे खिलाड़ियों में यह अटूट विश्वास है कि मौका मिलने पर वे मैच का पासा पलट सकते हैं— फिर चाहे बात बल्लेबाजी की हो, गेंदबाजी की या फिर चुस्त फील्डिंग की। हमारा पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर केंद्रित रहता है कि हर खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप टीम को जीत दिलाने में कैसे मददगार बन सकता है।"
तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना
राशिद खान ने गुजरात के बॉलिंग अटैक की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उनके तेज गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढाला है। उन्होंने कहा, "पिच की प्रकृति में ज्यादा बदलाव नहीं आया था, लेकिन हमारा गेंदबाजी आक्रमण बेहद संतुलित है। खासकर हमारे पेसर्स ने इस सीजन में कमाल की लाइन-लेंथ से गेंदबाजी की है।"
आधुनिक टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए उन्होंने माना कि आजकल गेंदबाजों पर बहुत दबाव रहता है और उन्हें हमेशा आक्रामक सोच के साथ ही उतरना पड़ता है। राशिद के अनुसार, "आज के दौर में जब आप 230 जैसे बड़े स्कोर का भी बचाव कर रहे होते हैं, तब भी रन तो खर्च होंगे ही। ऐसा नहीं हो सकता कि आप विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार 18 या 20 गेंदें डॉट खिला दें। एक चतुर गेंदबाज के लिए सबसे जरूरी यह होता है कि वह रनों की रफ्तार पर लगाम कसकर बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका न दे।"
शुभमन गिल और साई सुदर्शन की जुगलबंदी को सराहा
उपकप्तान ने टीम के युवा कप्तान शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन की मैच जिताऊ पारियों की खुलकर प्रशंसा की। शुभमन की तारीफ करते हुए राशिद ने कहा, "शुभमन दिन-प्रतिदिन एक बेहद परिपक्व और बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में उभर रहे हैं। वे मैच की परिस्थितियों और मैदान के डाइमेंशन को बहुत तेजी से भांप लेते हैं और खेल की दिशा के अनुसार अपनी रणनीति तुरंत बदल लेते हैं।" राशिद के मुताबिक, खिलाड़ियों की यही मानसिक मजबूती और तालमेल गुजरात टाइटंस को लीग की बाकी टीमों से काफी अलग और मजबूत बनाता है।

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