IPL 2026: धोनी के नाम पर CSK ने किया फैंस के साथ धोखा? श्रीकांत ने लगाए गंभीर आरोप

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व धाकड़ कप्तान और पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) फ्रेंचाइजी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। श्रीकांत ने सीएसके प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के नाम का सहारा लेकर करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। पूर्व दिग्गज के अनुसार, टीम के मौजूदा कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग पूरे सीजन प्रशंसकों से झूठ बोलते रहे और धोनी की फिटनेस को लेकर सस्पेंस बनाए रखा, ताकि मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहे, जबकि टीम असल में धोनी के बिना ही मैदान पर उतरती रही।

सोशल मीडिया पर गरमाया 'धोनी स्कैम' विवाद

इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इन दिनों 'एमएस धोनी स्कैम' (MS Dhoni Scam) को लेकर फैंस के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी विषय पर अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर बात करते हुए श्रीकांत ने कहा कि सीएसके का आला प्रबंधन पहले से यह अच्छी तरह जानता था कि धोनी इस पूरे सत्र में एक भी मुकाबला खेलने की स्थिति में नहीं हैं। इसके बावजूद फ्रेंचाइजी ने धोनी की बेतहाशा लोकप्रियता और प्रशंसकों के लगाव का व्यापारिक इस्तेमाल किया। यह विवाद तब और ज्यादा बढ़ गया जब पूर्व आईपीएल क्रिकेटर अनिरुद्ध श्रीकांत ने अपने टॉक शो में प्रशंसकों के गुस्से का जिक्र करते हुए अपने पिता (के. श्रीकांत) से इस पर टिप्पणी मांगी। इस पर श्रीकांत ने दोटूक कहा कि फ्रेंचाइजी को अब जनता को भ्रमित करना तुरंत बंद कर देना चाहिए।

'प्रैक्टिस वीडियो दिखाकर फैंस को रखा धोखे में'

श्रीकांत ने टीम की रणनीति की पोल खोलते हुए कहा, "टूर्नामेंट के आगाज से ठीक पहले यह बयान जारी किया गया कि धोनी के पैर में मामूली चोट है और वे जल्द मैदान पर दिखेंगे। इसके बाद हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टीफन फ्लेमिंग और ऋतुराज गायकवाड़ यही दोहराते रहे कि वे अगले मैच तक पूरी तरह फिट हो सकते हैं। इतना ही नहीं, हर मुकाबले से पहले सीएसके जानबूझकर धोनी के नेट प्रैक्टिस के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करती थी, जिससे प्रशंसकों के मन में यह उम्मीद बनी रहे कि 'थाला' आज का मैच खेल सकते हैं।"

बदलते मेडिकल बुलेटिन पर उठाए गंभीर सवाल

पूर्व मुख्य चयनकर्ता के मुताबिक, रणनीतिक गोपनीयता बनाए रखना एक अलग बात है, लेकिन सीएसके ने इसकी आड़ में प्रशंसकों को गुमराह करने की सारी हदें पार कर दीं। टूर्नामेंट के दौरान टीम की तरफ से लगातार विरोधाभासी मेडिकल अपडेट्स आते रहे:

  • शुरुआती दावा: प्री-सीजन के दौरान पिंडलियों की मांसपेशियों (काफ इंजरी) में खिंचाव है और वे दो हफ्तों में ठीक हो जाएंगे।

  • दूसरा दावा: बाद में बताया गया कि उनकी जांघ की मांसपेशियों (हैमस्ट्रिंग) में समस्या आ गई है।

  • तीसरा दावा: फिर खबरें फैलाई गईं कि वे पूरी तरह फिट हैं, लेकिन टीम के रणनीतिक कॉम्बिनेशन के कारण अंतिम ग्यारह (प्लेइंग इलेवन) का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं।

हकीकत यह रही कि धोनी ने इस बार बाहरी शहरों में होने वाले मैचों (अवे गेम्स) के लिए टीम के साथ सफर तक नहीं किया। वे पूरे सीजन में केवल चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए आखिरी घरेलू मैच के बाद मैदान पर दर्शकों का आभार जताने के लिए ही नजर आए।

ऋतुराज का बयान और अगले साल का सस्पेंस

हैरानी की बात यह है कि टीम के सफर के समाप्त होने के बाद जब पूर्व क्रिकेटर ग्रीम स्वान ने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ से धोनी के अगले साल खेलने की संभावना पर सवाल किया, तो ऋतुराज ने रहस्यमयी अंदाज में कहा, "आपको अगले साल ही पता चलेगा।" श्रीकांत ने इस रवैए पर बल्लेबाजी कोच माइकल हसी समेत पूरे थिंक-टैंक को घेरते हुए कहा कि यह नया सस्पेंस खड़ा करना प्रशंसकों के साथ सरासर बेईमानी है। अगर वे नहीं खेलने वाले थे, तो इसकी साफ घोषणा होनी चाहिए थी ताकि प्रशंसक मानसिक रूप से तैयार रहते।

'क्रिकेट आगे बढ़ चुका है, धोनी का दौर अब समाप्त'

श्रीकांत ने बेहद बेबाकी से कहा कि अब भारतीय क्रिकेट और क्रिकेट प्रेमी धोनी के बाद के युग को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह मानसिक रूप से तैयार हैं। उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि अब मैदान पर खेल के लिहाज से कोई धोनी को मिस नहीं कर रहा है। लोग केवल यह कौतूहलवश पूछ रहे हैं कि वे डगआउट या ड्रेसिंग रूम में क्यों नहीं दिख रहे। धोनी आईपीएल और भारतीय क्रिकेट के सर्वकालिक महानतम कप्तानों और खिलाड़ियों में से एक हैं, इसमें कोई दोराय नहीं है, लेकिन उनके नाम पर प्रशंसकों को बार-बार गुमराह करना बिल्कुल गलत है।"

गौरतलब है कि मैदान के बाहर उपजे इस विवाद के बीच चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन भी मैदान पर बेहद निराशाजनक रहा। टीम लगातार तीसरे सीजन में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई और 14 लीग मैचों में महज 12 अंक जुटाकर अंक तालिका में सबसे निचले पायदानों पर सिमट गई।