नई दिल्ली
महाराष्ट्र में दोनों गठबंधन (NDA और INDIA) सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में जुटा है। दावा किया जा रहा है कि सत्तारूढ़ एनडीए में बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच क्रमश: 32, 12 और 4 चार सीटों पर सीट शेयरिंग की डील हो चुकी है और उसका एलान होना बाकी है, जबकि INDIA अलायंस में अभी खींचतान जारी है। मुख्य विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं ने वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के नेता प्रकाश आंबेडकर के साथ बैठक की थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका है।
सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रकाश आंबेडकर ने कांग्रेस,एनसीपी और शिव सेना की महा विकास अघाड़ी को 27 सीटों की एक लिस्ट दी है। दावा किया जा रहा है कि इस लिस्ट में VBA ने अकोला, डिंडोरी, रामटेक, अमरावती और मुंबई की भी एक सीट शामिल है। VBA ने MVA से इन सीटों पर विचार करने को कहा है और दावा भी ठोका है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आंबेडकर ने लिस्ट की 27 में से कितनी सीटें मांगी हैं लेकिन ये कहा गया है कि आंबेडकर ने कहा है कि वह इतने सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंबेडकर ने कथित तौर पर ऐसी सीटों की मांग की है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान या तो महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार जीते थे या दूसरे नंबर पर रहे थे। इस बीच, कांग्रेस, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अंबेडकर से पूछा है कि उन्हें किन सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है।
बैठक बेनतीजा रहने पर प्रकाश आंबेडकर ने MVA को ही जिम्मेदार माना है और कहा है कि तीनों दल आपस में ही उलझे हुए हैं और अभी तक तय नहीं कर पाए हैं कि कितनी सीटों पर गठबंधन में लड़ना है और कितनी सीटों पर दोस्ताना संघर्ष करना है। आंबेडकर ने कहा कि गठबंधन को बचाने की ठेका उन्होंने अकेले नहीं लिया है लेकिन वह आखिरी दिन तक इंतजार करेंगे। बकौल आंबेडकर इंडिया अलायंस के सभी पार्टनर को मिलकर गठबंधन को बचाना होगा और भाजपा के खिलाफ मुकाबला करना होगा।
आंबेडकर ने ये भी कहा कि मौजूदा परिस्थिति में उनकी पार्टी राज्य की 48 में से 46 सीटों पर दो लाख से ज्यादा वोट ला सकती है। उन्होंने कहा कि अगर बाकी तीन दल भी साथ आएंगे तो भाजपा को टक्कर देना आसान होगा। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनावों में VBA ने 47 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन एक पर भी जीत नहीं हुई थी। हालांकि, उसे करीब सात फीसदी (6.92%) वोट हासिल हुए थे। उसी साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में आंबेडकर की पार्टी ने 288 में से 234 पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन एक पर भी पार्टी का खाता नहीं खुल सका था। विधानसभा में पार्टी को 4.6 फीसदी वोट मिले थे।

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