रायपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध खाद व्यापार और उसकी तस्करी के विरुद्ध पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुस्तैदी से की गई इस कार्रवाई के दौरान डीएपी खाद की बोरियों से भरे एक मेटाडोर वाहन को पकड़ा गया है। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर उसमें लदी 280 बोरी रासायनिक खाद जब्त की है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 3.50 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अग्रिम वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
यह सफलता उस समय मिली जब देवभोग थाना पुलिस की टीम रात्रि के समय क्षेत्र में गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान एक संदिग्ध मेटाडोर आता दिखाई दिया, जिसे रोककर जब उसकी बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसमें भारी मात्रा में डीएपी खाद भरी पाई गई। वाहन चालक से जब इस खाद के परिवहन से जुड़े वैध कागजात और आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी प्रामाणिक दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल वाहन और उस पर लदे माल को जब्त कर लिया।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ पहुंचाई जा रही थी अवैध खेप
पकड़े गए वाहन चालक से जब पुलिस टीम ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। चालक ने बताया कि वह महज 8 हजार रुपये के तय किराए पर खाद की इस बड़ी खेप को गंतव्य तक ले जा रहा था। उसके बयान के अनुसार, यह पूरी खेप उरमाल क्षेत्र के एक लाइसेंसधारी खाद व्यापारी के निर्देश पर पड़ोसी राज्य ओडिशा के सीनापाली इलाके से लोड की गई थी। इस अवैध माल को जांगड़ा नामक स्थान पर पहुंचाया जाना था, जहां इसे एक मक्का कारोबारी को सुपुर्द करने की योजना थी।
आगे की जांच के लिए कृषि विभाग को सौंपा माल
प्रारंभिक पुलिसिया कार्रवाई और जब्ती का पंचनामा तैयार करने के बाद देवभोग थाना पुलिस ने बरामद की गई सभी 280 बोरी डीएपी खाद को आगे की कानूनी और वैधानिक प्रक्रिया के लिए स्थानीय कृषि विभाग की टीम को सौंप दिया है। कृषि विभाग के अधिकारी अब इस बात की गहनता से पड़ताल करेंगे कि इस खाद का मुख्य स्रोत क्या था, इसके परिवहन के लिए क्या नियम तय किए गए थे और इस पूरे सिंडिकेट में शामिल दोनों राज्यों के संबंधित व्यापारियों की वास्तविक भूमिका क्या है।
अंतरराष्ट्रीय किल्लत के बीच कालाबाजारी का खेल
विभागीय सूत्रों और बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और वैश्विक उत्पादन में आई भारी गिरावट के चलते रासायनिक खादों की सामान्य उपलब्धता काफी प्रभावित हुई है। इसी संकट का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व और लालची व्यापारी अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में खाद की अवैध जमाखोरी, परिवहन और कालाबाजारी के खेल में लिप्त हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि पुलिस की इस मुस्तैदी से क्षेत्र में खाद की ब्लैक मार्केटिंग पर काफी हद तक लगाम लगेगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब कर उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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