आरोपित के बेटे पर धमकी देने का आरोप, हाई कोर्ट में जमानत पर सुनवाई पूरी

नई दिल्ली। देश की राजधानी के जनकपुरी इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले ने अब नया तूल पकड़ लिया है। इस घिनौनी वारदात के 57 वर्षीय आरोपी कर्मचारी को निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ पीड़िता की मां ने अब दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जमानत रद्द करने की याचिका दाखिल करते हुए पीड़िता की मां ने अदालत के सामने बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी का परिवार उन पर लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहा है और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।

हाई कोर्ट के गेट नंबर-7 के पास दी गई धमकी, वकील ने भी जताई सुरक्षा पर चिंता

अदालत की कार्यवाही के दौरान व्यक्तिगत रूप से मौजूद रही पीड़िता की मां ने न्यायधीश को बताया कि आरोपी स्टाफ सदस्य के बेटे के हौसले इतने बुलंद हैं कि उसने दिल्ली हाई कोर्ट के गेट नंबर-सात के पास ही उन्हें रोककर डराया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता के पक्ष की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने भी अदालत को अवगत कराया कि आरोपी को जमानत मिलने के बाद इस तरह की कई डराने-धमकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पीड़ित परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

दिल्ली पुलिस ने भी कोर्ट से की मांग: रद्द हो आरोपी की जमानत

दूसरी तरफ, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी इस याचिका का पूरा समर्थन किया है। सरकारी वकील और पुलिस अधिकारियों ने आरोपी की जमानत का कड़ा विरोध करते हुए हाई कोर्ट से ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का अनुरोध किया, जिसके तहत आरोपी को रिहा किया गया था। पुलिस का तर्क है कि आरोपी का बाहर रहना गवाहों को प्रभावित कर सकता है और मामले की निष्पक्ष जांच व ट्रायल में बाधा डाल सकता है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को गंभीरता से लिया है।