October 29, 2026

पैंगोलिन की खाल के अवैध कारोबार का खुलासा, 6 तस्कर पुलिस की गिरफ्त में

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग की टीम ने वन्यजीव तस्करों के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर गीदम पुलिस थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के तहत टीम ने वाहनों की घेराबंदी कर 6 आरोपियों को धर दबोचा है।

14 किलोग्राम पैंगोलिन की खाल और शल्क बरामद

सघन जांच के दौरान एक वाहन की स्टेपनी के पास छिपाई गई बोरी से लगभग 14 किलोग्राम पैंगोलिन की खाल और उसके शल्क बरामद किए गए। वन्यजीव विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, इतनी मात्रा में शल्क एकत्रित करने के लिए कम से कम 6 से 7 वयस्क पैंगोलिनों का शिकार किया गया होगा, क्योंकि एक वयस्क पैंगोलिन से औसतन दो से ढाई किलो खाल ही प्राप्त होती है।

गिरफ्तार तस्करों का पुराना आपराधिक इतिहास

पकड़े गए आरोपियों की पहचान लक्ष्मण तेलाम, दीपक, मासा मूर्ति, हेमंत वासम, कुहरम भीमा और मासाराम मंडावी के रूप में हुई है। इनमें से लक्ष्मण तेलाम दंतेवाड़ा का निवासी है, जो पूर्व में बाघ की खाल की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है, जबकि शेष 5 आरोपी पड़ोसी जिले बीजापुर के रहने वाले हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मांग और आगे की जांच

वन विभाग को तस्करों के गीदम क्षेत्र में ग्राहक की तलाश में घूमने की सूचना मिली थी। पहली कार्रवाई गीदम थाने के पास हुई जहाँ से 3 संदिग्ध पकड़े गए, और उनकी निशानदेही पर जावंगा के पास दबिश देकर बाकी 3 आरोपियों को भी दबोच लिया गया। पैंगोलिन की खाल से दवाएं बनने की भ्रामक अफवाहों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी भारी मांग है। फिलहाल वन विभाग आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रहा है कि शिकार किस वन क्षेत्र में किया गया था और इस अवैध तस्करी के अन्य खरीदार कौन-कौन हैं।