हैदराबाद
लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तेलंगाना की हैदराबाद सीट पर इस बार डॉ. माधवी लता को टिकट दिया है. इसके साथ ही वह इस सीट से AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को टक्कर देंगी.
माधवी लता नेथ बातचीत में ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिंदू भाई-बहन जाग गए तो असद भाई के लिए बहुत मुश्किल होगी.
उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री मोदी जो योजनाएं लेकर आए हैं, वे पुराने शहर के लोगों खासकर मुसलमानों तक नहीं पहुंची हैं. एमपी (ओवैसी) साहब ने उन्हें लोगों के सामने लाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है.
माधवी लता ने कहा कि ओवैसी संसद में अल्पसंख्यकों की बात करते हैं लेकिन उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. क्या कभी उन्होंने इन अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाई? उन्होंने कहा कि मैं धर्म के आधार पर नहीं विकास के आधार पर काम करूंगी. मैं महिलाओं के कल्याण के लिए काम करूंगी.
उन्होंने कहा कि अगर मेरे हिंदू भाई-बहन जाए गए और एक हो गए तो असद भाई के लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी.
कौन हैं माधवी लता?
माधवी लता भरतनाट्यम नर्तकी भी हैं. वह हैदराबाद में होने वाले सामाजिक कार्यों में भी काफी सक्रिय रहती है. माधवी ट्रस्टों और संस्थानों के माध्यम से स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काम करती हैं. वह लोपामुद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट और लतामा फाउंडेशन की अध्यक्ष भी हैं. माधवी लता ने बेसहारा मुस्लिम महिलाओं के लिए एक छोटा सा कोष भी बनाया है और वह कई सांस्कृतिक संगठनों से भी जुड़ी रहीं. इसके अलावा वह एक गौशाला भी चलाती हैं और स्कूल-कॉलेजों में हिंदुत्व और भारतीय संस्कृति पर भाषण भी देती हैं.
माधवी लता का विरिंची नाम का अस्पताल है. वह इस अस्पताल की चेयरपर्सन हैं. इसके अलावा माधवी लता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और उनकी छवि हिंदू समर्थक रुख के कारण सुर्खियों में रहती है.
माधवी का कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड नहीं
माधवी लता का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं है. वह खुद भी सक्रिय राजनेता नहीं थी. वह हैदराबाद में सुर्खियों में तब आईं, जब उन्होंने तीन तलाक को खत्म करने के लिए मुस्लिम महिलाओं समूहों के साथ सहयोग किया. इस मामले में शहर के अलग-अलग इलाकों में बात करने के लिए उन्हें बुलाया जाता रहा है. इसके साथ ही वह
तेलंगाना में बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा
2019 के चुनाव में बीजेपी ने भागवत राव को ओवैसी के खिलाफ टिकट दिया था. उन्हें कुल 2,35,285 वोट मिले थे, जबकि ओवैसी को 5,17,471 वोट मिले. इस बार बीजेपी माधवी लता को अपना उम्मीदवार बनाया है. बीते एक दशक में तेलंगाना में बीजेपी का वोट शेयर बढ़ा है. जहां 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 7 फीसदी वोट मिले थे, वहीं 2023 के विधानसभा में 15 फीसदी वोट मिले. हाल ही में विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पहली बार 8 सीटों पर कब्जा किया है. जिनमें हैदराबाद के आसपास की चारमीनार, कारवां, एलबी नगर, राजेंद्रनगर, अंबरपेट, कुथबुल्लापुर और सनथनगर सीटें शामिल हैं.

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