नोएडा। इन दिनों जिले का प्रदूषण स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए शासन ने पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड में कक्षाएं संचालित करने का आदेश दिया है। यह आदेश छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
छात्र अब ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी माध्यम से पढ़ सकेंगे। इन दिनों बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेप 3 की पाबंदियां लगाई जा चुकी हैं। यह कदम बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उठाए गए हैं। शासन के इस आदेश के बाद अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजकर भी पढ़ा सकते हैं और घर में भी सुरक्षित रख कक्षाएं आनलाइन भी दिला सकते हैं।
ये आदेश सीबीएसई,सहित अन्य बोर्ड के स्कूलों के लिए भी जारी किया गया है। प्राइवेट और शासकीय स्कूलों को हाइब्रिड मोड पर कक्षाओं को सुविधा देनी होगी। बता दें कि कई स्कूलों ने पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड पर कक्षाएं देना भी शुरू कर दी है।
लेकिन हाइब्रिड मोड में ऑनलाइन कक्षाओं का चुनाव करने वाले अभिभावक 40 प्रतिशत और आफलाइन कक्षाओं का चुनाव करने वाले 60 प्रतिशत है। अभिभावकों को कहना है कि घर में बैठकर ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को 40 मिनट बैठाना बहुत मुश्किल भरा होता है, इससे बच्चा कक्षा कम और खेल में अधिक लगा रहता है। इसलिए मास्क लगाकर स्कूल भेजना सही रहता है।
ऑफलाइन कक्षा का अधिक चुनाव
पांचवीं कक्षा तक के लिए हाइब्रिड मोड में चलाई जा रही कक्षाओं में ऑनलाइन मोड का कम ऑफलाइन मोड का अधिक चुनाव किया जा रहा है। इन दिनों विद्यालयों में परीक्षा की तैयारियों का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है। इसलिए अभिभावक बच्चों को आनलाइन कक्षाएं दिलाकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करना चाहते हैं। बच्चों को नियमित स्कूल भेज रहे हैं।

More Stories
अब दूर-दराज के मरीजों तक तेजी से पहुंचेगी मदद, 720 नई एंबुलेंस की तैयारी
RWA विवाद में बड़ा एक्शन, अलका दलाल समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
स्वास्थ्य क्षेत्र में नया कदम, AIIMS देवघर से शुरू होगी व्यस्क टीकाकरण की नई पहल