असम: पूर्वोत्तर राज्य असम में प्राकृतिक आपदा का कहर लगातार जारी है। राज्य में विनाशकारी बाढ़ के कारण मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर अब 50 हो गई है। हालांकि, राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों के दौरान बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार जरूर आया है, लेकिन इसके बावजूद कई ऐसे दूरदराज के इलाके हैं जहां राहत और बचाव दल अभी तक नहीं पहुंच सके हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि कई लोगों के अब भी लापता होने के कारण मृतकों का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
शिवसागर जिले में अभी भी 40 लोग लापता
मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को साझा करते हुए बताया कि राज्य के शिवसागर जिले के नजीरा अनुमंडल में लगभग 40 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर खोज अभियान चलाया जा रहा है।
-
प्रशासन की विशेष टीमें अत्यधिक प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों तक हरसंभव तरीके से पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
-
सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अन्य प्रशासनिक एजेंसियां मिलकर दिन-रात राहत और बचाव कार्यों को अंजाम दे रही हैं।
60 हजार से अधिक घरों की बिजली ठप, 20 फीसदी आबादी घिरी
बाढ़ के पानी और तेज बहाव के कारण बिजली का बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते प्रभावित जिलों में 60 हजार से अधिक घर अभी भी पूरी तरह से बिजली से वंचित हैं।
-
सबसे प्रभावित जिले: शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां की करीब 20 प्रतिशत आबादी अभी भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरी हुई है।
-
कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिस वजह से राहत सामग्री लेकर प्रशासनिक टीमों को वहां पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम आज पहुंचेगी असम
बाढ़ के इस तांडव और तबाही का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि केंद्र सरकार की एक विशेष अंतर-मंत्रालयी टीम शनिवार को असम पहुंचेगी। यह केंद्रीय टीम बाढ़ की वजह से हुए भारी नुकसान का मौके पर जाकर आकलन करेगी और साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव तथा पुनर्वास कार्यों की जरूरतों की उच्च स्तर पर समीक्षा भी करेगी।
भारी मानसूनी बारिश और ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के तेज बहाव ने ऊपरी असम के एक बड़े हिस्से को गहरे संकट में डाल दिया है। इस आपदा से लाखों आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। राज्य के कई हिस्सों में सड़कें टूट चुकी हैं, बिजली व संचार व्यवस्था चरमरा गई है और हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है। सरकार और प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और उन्हें आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए लगातार मुस्तैद हैं।

More Stories
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत कल फिर होगी
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पर रोक और 17 मेट्रो स्टेशन बंद
बारिश ने रोकी गुवाहाटी की रफ्तार, कई इलाकों में जलभराव से परेशानी