रांची। देश के सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रमों में शुमार हेवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन लिमिटेड (एचईसी) के ऊपर मंडरा रहा वित्तीय संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां कंपनी के कर्मचारी लंबे समय से अपनी बुनियादी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अब विभिन्न सरकारी विभागों का कानूनी शिकंजा भी संस्थान पर कसता जा रहा है। इसी कड़ी में अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एचईसी प्रबंधन के खिलाफ एक बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी वित्तीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत विभाग ने हटिया स्थित बैंक शाखा में मौजूद एचईसी के खाते से बकाया राशि वसूलने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
ईपीएफओ ने जारी किया रिकवरी का सख्त आदेश
कर्मचारियों के भविष्य सुरक्षित रखने वाले विभाग ईपीएफओ ने लंबे समय से लंबित पड़े बकाए को लेकर यह सख्त कदम उठाया है। विभाग के रिकवरी अफसर ने एचईसी के बैंक खाते से लगभग 12 लाख रुपये की बकाया राशि को तुरंत वसूल करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद से संस्थान की वित्तीय गतिविधियों पर और अधिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि पहले से ही नकदी के संकट से जूझ रही कंपनी के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो रहा है।
खाते से सभी प्रकार के लेन-देन पर लगी रोक
ईपीएफओ के रिकवरी अधिकारी ने इस वसूली को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित बैंक प्रबंधन को बेहद कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बैंक को निर्देशित किया गया है कि जब तक एचईसी के खाते से इस पूरी निर्धारित राशि यानी करीब 12 लाख रुपये की रिकवरी पूरी नहीं हो जाती, तब तक उस खाते से किसी भी अन्य तरह का भुगतान या वित्तीय लेन-देन पूरी तरह से रोक दिया जाए। इस प्रतिबंध के कारण एचईसी के दैनिक कामकाज और अन्य तात्कालिक भुगतानों पर बेहद विपरीत असर पड़ने की संभावना है।
ईएसआईसी ने भी एचईसी को घोषित किया डिफाल्टर
संस्थान के लिए मुश्किलें सिर्फ ईपीएफओ की कार्रवाई तक ही सीमित नहीं हैं। इसी समय में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने भी एचईसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ईएसआईसी ने कंपनी द्वारा समय पर अंशदान जमा न करने और नियमों की अनदेखी करने के कारण उसे आधिकारिक तौर पर डिफाल्टर घोषित कर दिया है। एक साथ दो बड़े सरकारी सामाजिक सुरक्षा संगठनों द्वारा की जा रही इस चौतरफा कार्रवाई ने एचईसी प्रबंधन की नींद उड़ा दी है।
कर्मचारियों के वेतन और सामाजिक सुरक्षा पर गहराया संकट
इस संपूर्ण विवाद और प्रशासनिक कार्रवाइयों के बीच एचईसी के हजारों कर्मचारी खुद को बेहद लाचार और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कर्मचारियों का न केवल महीनों का वेतन बकाया है, बल्कि उनके पीएफ और ईएसआई जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पैसा भी समय पर जमा नहीं हो पा रहा है। इस नए वित्तीय प्रतिबंध और बैंक खातों के फ्रीज होने जैसी स्थिति के कारण अब कर्मचारियों को अपने बकाया वेतन की निकासी और भविष्य निधि के दावों को लेकर गहरी चिंता सताने लगी है।

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