इक्का क्लब हत्याकांड: जन्मदिन पार्टी में हत्या, 8 आरोपी गिरफ्तार; ओपन जेल के 2 कैदी शामिल

जयपुर। मानसरोवर स्थित न्यू आतिश मार्केट के 'इक्का क्लब' में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुज गुर्जर सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में भरतपुर ओपन जेल से पैरोल पर बाहर आए दो उम्रकैद की सजा काट रहे अपराधी भी शामिल हैं, जो इस वारदात के वक्त मौके पर ही मौजूद थे। पुलिस ने हत्या की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर वारदात में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

क्लब के भीतर जन्मदिन की पार्टी के दौरान उपजा खूनी विवाद

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वारदात रविवार की देर रात क्लब बंद होने के बाद अंजाम दी गई। क्लब संचालक के परिचित अनुज गुर्जर ने अपने आधा दर्जन से अधिक साथियों के साथ पिछले रास्ते से क्लब की छत के जरिए भीतर प्रवेश किया था। रात करीब तीन बजे जब क्लब के अंदर जन्मदिन की पार्टी चल रही थी और सभी लोग शराब के नशे में धुत थे, तभी किसी पुरानी बात को लेकर दो पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। यह कहासुनी देखते ही देखते इतनी हिंसक हो गई कि आरोपियों ने रसोई में इस्तेमाल होने वाले भारी चाकू से अन्नू गुर्जर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम का गठन

वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त हेमेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में मानसरोवर थाना पुलिस और स्पेशल विंग के जांबाज पुलिसकर्मियों को मिलाकर एक विशेष खोजी दल का गठन किया गया। इस विशेष टीम ने घटना स्थल और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, जिसकी मदद से वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों को दबोच लिया गया।

भरतपुर ओपन जेल के दो सजायाफ्ता कैदी भी चढ़े पुलिस के हत्थे

त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुज गुर्जर, राजेश गुर्जर उर्फ सुगड़ सिंह, कुलदीप उर्फ कल्लू गुर्जर, गोविंद शर्मा, हनुमान सिंह, दिक्षांत, चंद्र सिंह और बबलू को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इसके साथ ही मौके से एक संदिग्ध लग्जरी कार भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से की गई पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी कुलदीप और राजेश भरतपुर ओपन जेल में आजीवन कारावास भुगत रहे बेहद शातिर अपराधी हैं। कुलदीप पहले से ही दो हत्या के मामलों में सजा काट रहा है, जबकि राजेश दुष्कर्म के मामले का सिद्धदोष अपराधी है और दोनों पैरोल की अवधि का फायदा उठाकर इस पार्टी में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे।

मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास और आगे की पुलिसिया कार्रवाई

जांच में यह भी साफ हुआ है कि इस खूनी खेल का मास्टरमाइंड अनुज गुर्जर बेहद शातिर किस्म का बदमाश है, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह इससे पहले भी दौसा जिले के बहुचर्चित डॉक्टर दंपति शूटआउट मामले में मुख्य आरोपियों की सूची में शामिल रह चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू और अन्य साक्ष्य बरामद किए जा सकें। इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्लब बंद होने के बावजूद इन अपराधियों को अंदर एंट्री कैसे मिली और इसमें क्लब प्रबंधन की क्या भूमिका थी।