रायपुर| छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय बघेल की तरफ से दाखिल की गई चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई संपन्न हुई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विजय बघेल ने व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर अपनी गवाही दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, प्रतिवादी (पूर्व मुख्यमंत्री) की ओर से मामले में अतिरिक्त मुद्दे तय करने के संबंध में पेश किए गए आवेदन पर दोनों पक्षों की विस्तृत और लंबी बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है तथा आगामी 13 अक्तूबर 2026 को इस पर अपना आदेश जारी करने के लिए मामला सूचीबद्ध कर दिया है।
अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दर्ज कराई गई गवाही
अदालत में सुनवाई की शुरुआत होते ही याचिकाकर्ता विजय बघेल खुद वहाँ मौजूद रहे और उन्होंने अपने पक्ष में पुख्ता साक्ष्य दर्ज कराए। इस दौरान प्रतिवादी क्रमांक 1 (पूर्व मुख्यमंत्री) की तरफ से अदालत को यह जानकारी दी गई कि उन्होंने इस मामले में अतिरिक्त मुद्दे तय करने के वास्ते 3 अक्तूबर को सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के ऑर्डर XIV के नियम 1, 2(2) और 5 के साथ-साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 87 के तहत एक नया आवेदन प्रस्तुत किया है। यह आवेदन माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 28 सितंबर को एसएलपी (सी)-33790/2026 में पारित किए गए आदेश को ध्यान में रखते हुए दाखिल किया गया है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता विजय बघेल के अधिवक्ताओं ने अदालत को अवगत कराया कि प्रतिवादी द्वारा 3 अक्तूबर को पेश किए गए इस आवेदन पर उनका विस्तृत लिखित जवाब पहले ही अदालत के समक्ष जमा किया जा चुका है।
पूर्व में खारिज किया जा चुका है पिछला आवेदन
इससे पूर्व, हाईकोर्ट ने गत 17 सितंबर को पारित किए गए अपने एक आदेश के माध्यम से प्रतिवादी क्रमांक 1 की ओर से दाखिल किए गए पिछले आवेदन को खारिज कर दिया था। वह पिछला आवेदन सिविल प्रक्रिया संहिता के ऑर्डर VII नियम 11 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 86(1) के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया था। इस आवेदन के निरस्त होने के पश्चात अदालत ने मामले को चुनाव याचिकाकर्ता की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करने और अपनी गवाही दर्ज कराने के चरण के लिए निर्धारित किया था। इसी न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए याचिकाकर्ता ने अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना बयान और साक्ष्य दर्ज कराए हैं।
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा अदालत में पेश किए गए कानूनी तर्क
माननीय अदालत ने अतिरिक्त मुद्दे तय करने के इस नए आवेदन पर दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत किए गए सभी कानूनी तर्कों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। सुनवाई पूरी करने के उपरांत हाईकोर्ट ने इस पर अपना आदेश सुनाने के लिए आगामी 13 अक्तूबर की तारीख तय कर दी है। इस मामले की पैरवी के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता टी.के. झा, अधिवक्ता अमन ताम्रकार और रोहन कुम्हारे ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। वहीं, प्रतिवादी क्रमांक 1 का पक्ष अधिवक्ता मयंक जैन ने वर्चुअल माध्यम से तथा हर्षवर्धन परगनिहा और मनुभा शंकर ने अदालत में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर रखा। इसके अलावा, प्रतिवादी क्रमांक 3 की तरफ से डॉ. सुदीप अग्रवाल ने भी अदालत में अपना पक्ष पेश किया।

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