व्यापार : त्योहारी मौसम करीब आते ही कंपनियों ने भर्तियों की तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई से दिसंबर के बीच ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्र नए लोगों को सबसे ज्यादा नौकरियां देंगे। टीमलीज की रिपोर्ट के मुताबिक, 88 फीसदी कंपनियों ने कहा, वे दूसरी छमाही में अच्छी खासी भर्तियां करने को तैयार हैं। इस सर्वे को मई और जुलाई में विभिन्न क्षेत्रों में किया गया था। इसमें 1,065 कंपनियों से बात की गई थी। टीमलीज एडटेक की कैरियर आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्रेशर्स के लिए एक मजबूत नौकरी बाजार है।
इसमें खुदरा 87 प्रतिशत और विनिर्माण क्षेत्र 82 प्रतिशत भर्तियां करेंगे। पहले स्थान पर स्टार्टअप है, जहां युवाओं की भारी मांग है। ई-कॉमर्स और प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स में मजबूत भर्ती की मंशा इस क्षेत्र में विकास को दर्शाती है, जो फ्रेशर्स के लिए अवसर पैदा करती है।
टीएमलीज एडटेक के सीईओ ने दी जानकारी
टीमलीज एडटेक के सीईओ शांतनु रूज ने कहा, जैसे-जैसे उद्योग तकनीक के साथ विकसित होते हैं, तकनीकी विशेषज्ञता को मानवीय कौशल के साथ मिलाने वाले नए लोग खुद को बेहतर स्थिति में पाएंगे। हालांकि, समग्र फ्रेशर भर्ती की मंशा इस साल जनवरी-जून के दौरान 74 प्रतिशत से जुलाई-दिसंबर के लिए 70 प्रतिशत तक कम हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उच्च विकास वाले क्षेत्रों में फ्रेशर्स के लिए अवसर मजबूत बने रहे। डिग्री प्राप्त प्रशिक्षुओं की मांग में लगातार वृद्धि देखी गई। इसमें विनिर्माण 37 प्रतिशत, इंजीनियरिंग-बुनियादी ढांचा 29 फीसदी और सूचना प्रौद्योगिकी 18 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहे।
प्रशिक्षुओं के लिए इन शहरों में मिलेंगे ज्यादा रोजगार के अवसर
बंगलूरू, चेन्नई और पुणे क्रमशः 37 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 26 प्रतिशत के साथ प्रशिक्षुओं की नियुक्ति के इरादे से सबसे आगे हैं। बड़े उद्यमों की तुलना में छोटे संगठन भी नए कर्मचारियों की नियुक्ति में मजबूत दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि उनकी नियुक्ति क्षमता सीमित है।
एआई एजेंट से एशिया-प्रशांत की कंपनियों का 20% बढ़ेगा राजस्व
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई एजेंट से एशिया-प्रशांत की कंपनियों का 20 फीसदी राजस्व बढ़ेगा। सेल्सफोर्स के एक सर्वे के मुताबिक, 75 फीसदी मुख्य वित्तीय अधिकारियों (सीएफओ) का मानना है कि इससे व्यावसायिक संरचनाओं में मौलिक परिवर्तन आएगा।
- सेल्सफोर्स का यह निष्कर्ष एआई रणनीति में बदलाव को उजागर करता है, जो सतर्क खर्च करने वालों से रणनीतिक निवेशकों की ओर बढ़ रहा है। एआई एजेंट रणनीतिक कार्यों को संभालकर लागत कम करते हैं और राजस्व को बढ़ाते हैं।
- 75 फीसदी सीएफओ ने कहा, एआई एजेंट लागत कम करकेे राजस्व भी बढ़ाएंगे। सर्वेक्षण में 63 फीसदी ने पांच साल पहले एआई रणनीति को रूढ़िवादी बताया था, जो आज सिर्फ 3 फीसदी रह गया है। सर्वे में वैश्विक स्तर पर 261 सीएफओ शामिल थे।

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