पणजी। भारत में विवाह को सात जन्मों का अटूट बंधन माना जाता है और मजबूत सामाजिक ताने-बाने के कारण यहाँ दुनिया में सबसे कम तलाक दर दर्ज की जाती है। हालांकि, बदलते दौर और आधुनिकता के प्रभाव से दांपत्य जीवन में अलगाव के बढ़ते मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। साल-दर-साल बढ़ रही विवाह-विच्छेद की इस दर पर अंकुश लगाने और युवाओं को सुखी वैवाहिक जीवन का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य से गोवा के एक कॉलेज ने एक अनूठी पहल की है।
गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस का विशेष सर्टिफिकेट कोर्स
पणजी स्थित 'गोवा कॉलेज ऑफ होम साइंस' के मानव विकास और परिवार अध्ययन विभाग ने वैवाहिक जीवन को सफल बनाने के लिए "मैरिज रेडिनेस: प्रिपेयरिंग फॉर हेल्दी एंड लास्टिंग रिलेशनशिप्स" नामक एक विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है।
15 दिवसीय कोर्स में सिखाई जाएंगी वैवाहिक जिम्मेदारियां
कॉलेज के प्रिंसिपल महेश पाई के अनुसार, यह 15 दिवसीय पाठ्यक्रम 2 दिसंबर से 17 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। यह कोर्स केवल शादी की रस्मों या समारोह की तैयारियों तक सीमित न होकर दो लोगों के बीच आपसी समझ, प्रतिबद्धता और वैवाहिक जीवन की व्यावहारिक जिम्मेदारियों को गहराई से समझाने पर केंद्रित है।

More Stories
क्या डॉक्टरों के लिए ग्रामीण सेवा अनिवार्य होगी? सुप्रीम कोर्ट ने NMC से मांगी जांच
लापता प्रॉपर्टी डीलर की मौत से मचा हड़कंप, परिवार ने लगाया हत्या का आरोप
बेंगलुरु में सनसनीखेज वारदात, बेटी के साथ कर्मचारी को देख पिता ने ली जान