जोधपुर। जोधपुर के उदय मंदिर आसन क्षेत्र में मारपीट के पुराने मामले में आरोपी युवक को पकड़ने गई पुलिस की दबिश के दौरान तीसरी मंजिल से कूदने से हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरा दुख जताते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
अशोक गहलोत ने उठाए सवाल और निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान जारी कर कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और गंभीर है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी कि छह-सात साल पुराने एक मामूली मुकदमे में इतनी दहशत बनाकर दबिश दी गई, जबकि मृतक कोई खूंखार अपराधी नहीं था। गहलोत ने कहा कि जब पुलिस अधिकारियों का यह कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी ही नहीं थी, तो यह और भी संदिग्ध हो जाता है कि पुलिस वहां क्यों गई और घर की महिलाओं व परिजनों से कथित तौर पर बदसलूकी क्यों की गई। उन्होंने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
मृतक के परिजनों का धरना और प्रमुख मांगें
घटना के बाद से ही आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों का धरना लगातार जारी है। परिजन महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर शव उठाने से इनकार करते हुए धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
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दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
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पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
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परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार की इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
पुलिस के अनुसार, जोधपुर के उदयमंदिर थाना क्षेत्र के आसन इलाके में रहने वाला 29 वर्षीय सद्दाम पुत्र खलील अहमद मारपीट के एक पुराने मामले में फरार चल रहा था। पुलिस को उसके घर पर होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद नागौरी गेट थाने के दो कांस्टेबल और चेतक वाहन मौके पर पहुंचे।
पुलिस को घर में आते देख सद्दाम घबराकर छत पर चढ़ गया और भागने की कोशिश में तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया। नीचे गिरते वक्त वह बिजली के तारों में उलझ गया, जिससे उसे गंभीर करंट लग गया और वह बुरी तरह झुलस गया। उसे तुरंत जोधपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से भड़के परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने आक्रोशित होकर पुलिस जीप में तोड़फोड़ कर दी और बीच-बचाव में एक कांस्टेबल (रायचंद) के साथ मारपीट भी की, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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