“आईटीओ के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर में अग्निकांड; दमकल की गाड़ियों ने समय रहते बुझाई आग”

नई दिल्ली। देश की राजधानी के व्यस्ततम आईटीओ (ITO) क्षेत्र में स्थित 'स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर' (SPA) के भवन में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। विकास मार्ग पर स्थित इस संस्थान की दूसरी मंजिल से अचानक धुएं के गुबार और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग सहम गए। परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी जानकारी आपदा प्रबंधन और दमकल विभाग को दी, जिसके बाद फौरन राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

युद्ध स्तर पर चला अभियान, दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया काबू

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के नियंत्रण कक्ष को सुबह करीब 10 बजे इस हादसे की सूचना मिली थी। मामले की संवेदनशीलता और इलाके की भीड़भाड़ को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और एक के बाद एक करीब आठ अग्निशामक वाहनों को घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया। दमकलकर्मियों ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए युद्ध स्तर पर मोर्चा संभाला और कुछ ही समय में आग की लपटों को पूरी तरह से घेरकर उस पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या झुलसने की कोई खबर नहीं है। शुरुआती तौर पर आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, जिसकी जांच की जा रही है।

शिक्षा मंत्रालय ने अफवाहों पर लगाया विराम, जारी किया आधिकारिक बयान

हादसे के शुरुआती घंटों में सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह अफवाह तेजी से फैल गई थी कि आग केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में लगी है। भ्रामक खबरों को बढ़ता देख शिक्षा मंत्रालय ने त्वरित संज्ञान लिया और एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ की। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि शिक्षा मंत्रालय का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली के डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड पर स्थित 'कर्तव्य भवन-2' में संचालित होता है। आग की यह घटना आईटीओ स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के कैंपस में हुई है, जो कि एक स्वायत्त संस्थान है।

मामूली था हादसा, जान-माल का नहीं हुआ कोई बड़ा नुकसान

अपने आधिकारिक बयान में मंत्रालय ने आगे कहा कि गलत और भ्रामक जानकारियों के प्रसार को रोकने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी करना बेहद आवश्यक था। प्रशासन के मुताबिक, आग बेहद सीमित दायरे में थी जिसे समय रहते दबा दिया गया। त्वरित सूझबूझ और दमकल विभाग की सक्रियता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और संस्थान की संपत्ति या किसी भी मानवीय जीवन को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है। स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और परिसर में सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच की जा रही है।