“आधार कार्ड पर नेपाल प्रवेश पर रोक! नियमों में बदलाव के बाद अब इन दस्तावेजों की होगी जरूरत”

ठाकुरगंज। भारत और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी को पहले से कहीं ज्यादा पुख्ता बनाने के लिए जिला प्रशासन और तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अब बिना मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) या किसी अन्य पुख्ता सरकारी दस्तावेज के नेपाल की सीमा में दाखिल होने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। भारत-नेपाल सीमा के मुख्य प्रवेश द्वार गलगलिया बॉर्डर पर मुस्तैद सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों को इन नए और कड़े दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश जारी किए गए हैं।

अवैध घुसपैठ पर लगेगी लगाम, केवल 'आधार' दिखाने से नहीं मिलेगी एंट्री

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अंतरराष्ट्रीय सीमा मार्ग से रोजाना हजारों की तादाद में नागरिकों की आवाजाही होती है। सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और अवैध आवागमन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के इरादे से ही इस चेकिंग अभियान को बेहद कड़ा किया गया है। नए नियमों के तहत अब केवल भारत सरकार द्वारा जारी सामान्य विशिष्ट पहचान पत्र (Aadhaar Card) दिखाकर सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो लोग इस दस्तावेज के भरोसे यात्रा कर रहे हैं, उन्हें वापस लौटा दिया जाएगा। सरहद पार करने के लिए अब वोटर आईडी कार्ड, वैध पासपोर्ट या अन्य उच्च स्तरीय सरकारी पहचान पत्र का होना अनिवार्य कर दिया गया है।

चुनौतियों को देख बढ़ी गश्त, संदिग्धों की हो रही सघन तलाशी

बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़े आला अफसरों ने स्पष्ट किया है कि हालिया खुफिया इनपुट और सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियों के मद्देनजर यह कड़ा फैसला लिया गया है। नाकों पर तैनात जवानों को हर एक आने-जाने वाले शख्स के दस्तावेजों की गहराई से जांच करने को कहा गया है। मुख्य रास्तों के अलावा सीमा से सटे अन्य सुदूर रास्तों पर भी एसएसबी की खुफिया विंग और गश्ती दलों की सक्रियता बढ़ा दी गई है, ताकि कोई भी अवांछित तत्व भारतीय सीमा में प्रवेश न कर सके या यहां से भाग न पाए।

पर्यटकों और व्यापारियों के लिए एडवाइजरी, सहयोग की अपील

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों, सीमावर्ती व्यापारियों और घूमने आने वाले पर्यटकों से अपील की है कि वे जब भी नेपाल की यात्रा की योजना बनाएं, तो अपने पास तयशुदा मूल दस्तावेज जरूर रखें। नियमों की अनदेखी करने या सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग न करने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। सीमा क्षेत्र में इस नई व्यवस्था को लेकर लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है ताकि आम जनता को जांच के दौरान किसी भी तरह की प्रशासनिक असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा एजेंसियों का दृढ़ विश्वास है कि यह कदम सीमा प्रबंधन को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।