October 16, 2026

MSP पर उपज बेचने के लिए किसानों में उत्साह, 8.77 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन

भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान समर्थन मूल्य पर अन्न उपार्जन की प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के तहत प्रदेशभर के अन्नदाताओं ने अपनी फसल बेचने के लिए भारी संख्या में अग्रिम पंजीकरण कराया है, जिससे सरकारी खरीदी व्यवस्था को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

रिकॉर्ड संख्या में किसानों ने कराया पंजीकरण

राज्य शासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए ग्रामीण और शहरी स्तर पर कुल एक हजार एक सौ से अधिक पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों ने अपनी आगामी फसल के बेचान हेतु पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष कुल आठ लाख सतहत्तर हजार नौ सौ सैंतालीस किसानों ने समर्थन मूल्य पर फसल विक्रय के लिए अपना पंजीकरण दर्ज कराया है।

फसलवार पंजीयन की स्थिति

खरीफ फसलों के इस उपार्जन अभियान में सबसे अधिक रुझान धान की फसल को लेकर देखा गया है। राज्यभर में धान विक्रय हेतु अकेले आठ लाख अड़सठ हजार दो सौ चौदह किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। इसके अतिरिक्त, बाजरा फसल के लिए सात हजार छह सौ चौरानवे तथा ज्वार की उपज बेचने के वास्ते दो हजार उनतालीस किसानों ने आधिकारिक तौर पर अपना नाम दर्ज करवाया है।

जबलपुर संभाग अव्वल

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार जबलपुर संभाग पंजीकरण के मामले में प्रदेशभर में पहले स्थान पर है। इस संभाग के अंतर्गत चार लाख सात हजार नौ सौ छब्बीस किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं, रीवा संभाग इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा है, जहां दो लाख तरेपन हजार नौ सौ उनासी किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन प्रक्रिया पूरी की है।

एग्री स्टेक आईडी से आई पारदर्शिता

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा इस वर्ष की पंजीयन व्यवस्था में एक बड़ा और अहम तकनीकी बदलाव किया गया है। इस बार किसानों का पूरा पंजीकरण उनकी डिजिटल एग्री स्टेक आईडी के माध्यम से सुनिश्चित किया गया है। इस आधुनिक आईडी में संबंधित किसान के सभी खसरों का पूरा ब्योरा दर्ज रहता है, जिसके उपयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और किसी भी तरह के फर्जी या अवैध पंजीयन पर प्रभावी रोक लगाना संभव हो सका है।