September 13, 2026

ईको-पर्यटन का नया केंद्र बन रहा धमनी गांव

रायपुर :  प्रकृति के करीब, पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्यजीव का संरक्षण, शिक्षा और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुँचाना ही ईको-पर्यटन है।

बलौदाबाजार वनमण्डल के अंतर्गत महानदी के तट पर स्थित ग्राम धमनी अब तेजी से ईको-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के सहयोग से यहां ईको-विलेज के रूप में विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पर्यटकों के लिए नौकाविहार (बोटिंग) सुविधा शुरू की गई है। अब यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच नदी में नौकायन का आनंद ले सकेंगे।

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत गांव के युवाओं और महिला स्व- सहायता समूहों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, ताकि लोग प्रकृति के करीब रहकर शांत वातावरण का अनुभव कर सकें।
वनमण्डलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि यह पहल जनसहभागिता से संचालित हो रही है, जो वन संरक्षण और ग्रामीण विकास का अच्छा उदाहरण है। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी- कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
वन विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में धमनी को प्रदेश के प्रमुख ईको-टूरिज्म स्थलों में शामिल किया जाए।