September 23, 2026

बिल भुगतान और सिक्योरिटी डिपोजिट लौटाने के लिए मांगी रिश्वत, उप यंत्री गिरफ्तार

खंडवा। लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) खंडवा में पदस्थ उप यंत्री (सब इंजीनियर) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी उप यंत्री ने रिश्वत की राशि अपने कार्यालय में ही स्वीकार की, जहां लोकायुक्त की टीम ने उसे जाल बिछाकर धर दबोचा। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

ठेकेदार ने दर्ज कराई थी रिश्वत मांगने की शिकायत

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम धूलवाड़ा (तहसील सनावद, जिला खरगोन) निवासी लखन राठौर ने एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया था। शिकायतकर्ता ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण खंडवा में कार्यरत सब इंजीनियर पर बिल भुगतान और अमानत राशि जारी करने के एवज में अवैध राशि मांगने का गंभीर आरोप लगाया था।

बिल भुगतान व सुरक्षा निधि जारी करने के एवज में मांगी 55,000 रुपये की घूस

शिकायतकर्ता लखन राठौर के अनुसार, वे निर्माण ठेकेदारी का कार्य करते हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में एनव्हीडीए पुनासा (जिला खंडवा) के अंतर्गत चौकीदार कक्ष एवं जनरेटर कक्ष के निर्माण का ठेका लिया था। यह कार्य लगभग एक वर्ष की अवधि में पूर्ण कर लिया गया था, जिसके बाद भुगतान हेतु बिल एनव्हीडीए कार्यालय पुनासा में जमा कराए गए।

ठेकेदार को लगभग 13 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त हो चुका था। हालांकि, शेष बची राशि के भुगतान तथा पूर्व में जमा कराई गई सिक्योरिटी डिपॉजिट (सुरक्षा निधि) को वापस लौटाने के बदले उप यंत्री अशोक गौतम द्वारा 55,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।

14,000 रुपये की किश्त लेते हुए उप यंत्री रंगे हाथों गिरफ्तार

शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले का प्राथमिक सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात प्रमाणित पाई गई। साक्ष्य मिलने के उपरांत लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।

इंदौर से खंडवा पहुंची विशेष टीम ने उप यंत्री अशोक गौतम को उसके कार्यालय के तकनीकी कक्ष में शिकायतकर्ता ठेकेदार से 14,000 रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।