दिल्ली मेट्रो सेवाएं प्रभावित, मंडी हाउस स्टेशन पर रुकीं ट्रेनें; यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षा कारणों के चलते मेट्रो रेल सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिला। सुरक्षा प्रबंधों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार पूरी तरह बंद कर दिए गए। इस अप्रत्याशित व्यवस्था के तहत वायलेट लाइन पर स्थित इंटरचेंज स्टेशनों में से केवल मंडी हाउस स्टेशन पर ही ट्रेनों के ठहराव की अनुमति दी गई, जिससे दिन भर यात्रियों को भारी आवाजाही संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

सुरक्षा के मद्देनजर 16 मेट्रो स्टेशनों को किया गया बंद

प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों के चलते डीएमआरसी ने त्वरित कदम उठाते हुए दिल्ली-एनसीआर के 16 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर परिचालन स्थगित कर दिया। अचानक लिए गए इस निर्णय के बाद कई व्यस्त मार्गों पर यात्रियों को स्टेशनों के बाहर ही रोक दिया गया। वायलेट लाइन पर भी व्यापक पाबंदियां लागू की गईं, जहाँ केवल मंडी हाउस इंटरचेंज पर ही ट्रेन रुकने की व्यवस्था रखी गई ताकि आपातकालीन आवागमन को नियंत्रित किया जा सके।

अचानक लागू पाबंदियों से यात्रियों को उठानी पड़ी भारी परेशानी

मेट्रो सेवाओं में अचानक आए इस बदलाव के कारण रोजाना यात्रा करने वाले नागरिकों को अत्यधिक दिक्कतों से जूझना पड़ा। विशेष रूप से वे लोग जो जरूरी सरकारी व निजी दफ्तरों, अस्पतालों में इलाज कराने या एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले थे, वे घंटों मार्ग में फंसे रहे। सही जानकारी और वैकल्पिक साधनों के अभाव में लोग दो से तीन घंटे तक भटकने के बाद किसी तरह अपने गंतव्य स्थानों तक पहुँच सके।

प्रमुख स्टेशनों पर सामान्य दिनों की तुलना में घटी यात्रियों की संख्या

अचानक की गई इस बाड़ेबंदी और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की सूचना फैलते ही मेट्रो में यात्रियों की सामान्य उपस्थिति में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। पाबंदियों की खबर मिलते ही बहुत से लोगों ने अपनी यात्रा स्थगित कर दी या निजी वाहनों का सहारा लिया। इसके बावजूद जो यात्री पहले से यात्रा पर निकल चुके थे, उन्हें कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर अपने स्थानों तक पहुँचना पड़ा।

प्रशासनिक सतर्कता और वैकल्पिक परिवहन साधनों पर बढ़ा दबाव

मेट्रो सेवाएं बाधित होने के बाद सड़कों पर ऑटो, कैब और सार्वजनिक बसों पर यात्रियों का दबाव अचानक काफी बढ़ गया। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल संवेदनशील क्षेत्रों तथा मेट्रो परिसरों के बाहर मुस्तैद रहे ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में रखी जा सके। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सुरक्षा समीक्षा के बाद ही सेवाओं को पूर्ण रूप से बहाल करने का आश्वासन दिया गया है।