नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक 'मंगल मिलन' संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित गठबंधन के तमाम दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 10 दिनों की विधायी रणनीति तय करना और विपक्ष के हमलों का एकजुट होकर मुकाबला करना है।
संसदीय रणनीति और घटक दलों की उपस्थिति
बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, प्रह्लाद जोशी, जितेंद्र सिंह और एनसीपी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे सहित एनडीए के सभी प्रमुख घटक दलों के सांसद मौजूद रहे। भाजपा संसदीय कार्यालय द्वारा सभी सांसदों को इस बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया गया था। बैठक के दौरान मानसून सत्र में पेश होने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने और दोनों सदनों में फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
'मंगल मिलन' नाम से नया संगठनात्मक स्वरूप
संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को होने वाली एनडीए की इस पारंपरिक बैठक को इस बार 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है। 21 जुलाई को इस शृंखला की पहली बैठक आयोजित की गई थी। गठबंधन का मानना है कि इस नई पहल का मकसद नियमित संसदीय बैठकों को एक नई सांस्कृतिक पहचान देना और सभी सहयोगी दलों के बीच आपसी सामंजस्य को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है।
नए साथियों का जुड़ाव और एकजुटता का संदेश
28 जुलाई को आयोजित पिछली 'मंगल मिलन' बैठक में टीएमसी से अलग होकर बनी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष भी शामिल हुई थीं। विपक्ष के लगातार तीखे तेवरों के बीच एनडीए ने 'मंगल मिलन' के मंच से अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों को मजबूती से जनता के बीच ले जाने का संकल्प दोहराया है।

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