नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब विभिन्न हिंदू और सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप), यूनाइटेड हिंदू Front और भारतीय बौद्ध संघ सहित कई संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
संगठनों की गृह मंत्री और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
विहिप, यूनाइटेड हिंदू फ्रंट और भारतीय बौद्ध संघ ने प्रदर्शन की आड़ में हुई हिंसा को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा है। इन संगठनों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसर्किमयों पर पथराव करने और सरकारी वाहनों को तहस-नहस करने वाले उपद्रवियों को बख्शा न जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, लेकिन आदतन अपराधियों पर नकेल कसकर समाज में एक कड़ा संदेश दिया जाना आवश्यक है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से लेकर संसद मार्च तक का पूरा घटनाक्रम
सीजेपी ने मूल रूप से नीट परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन की शुरुआत की थी। देखते ही देखते 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हालात पूरी तरह तनावपूर्ण हो गए और प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई। इस भीषण हिंसक झड़प में कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए और कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस सिलसिले में पुलिस ने दंगा फैलाने, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने और लोक सेवकों पर हमले के गंभीर आरोपों में चार एफआईआर दर्ज की हैं।
सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज से अपराधियों की पहचान
पुलिस प्रशासन सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों और बॉडी वार्न कैमरों की मदद से उपद्रवियों की शिनाख्त में जुटा है। फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके अब तक कुल 989 ऐसे अपराधियों की पहचान की जा चुकी है जो इस हिंसक प्रदर्शन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे। इनमें हत्या के 101 आरोपी, हत्या के प्रयास के 62, डकैती व लूट के 284, दुष्कर्म के 61, पॉक्सो के 6 और छेड़छाड़ के 25 मामलों में लिप्त अपराधी शामिल हैं।
विभिन्न संगठनों के प्रमुखों की तीखी प्रतिक्रियाएं
भारतीय बौद्ध संघ के अध्यक्ष भंते संघप्रिय राहुल ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में आपराधिक कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वहीं, यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने इसे एक गहरी साजिश करार दिया है और गृह मंत्री को पत्र लिखकर इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके अलावा, विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी सीजेपी से अपील की है कि वे अराजक तत्वों से दूरी बनाएं और अपराधियों के पक्ष में खड़े होने से बचें।

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