चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) और कोतवाली थाना पुलिस ने मिलकर एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खासतौर पर क्रेटा कारों को निशाना बनाता था। पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत अहमदाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
की-लेस सिस्टम हैक कर पांच मिनट में चोरी
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता था। मास्टरमाइंड क्रेटा कार का शीशा तोड़कर उसके पुश-बटन स्टार्ट और की-लेस सिस्टम को अपने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से सिर्फ पांच मिनट के भीतर हैक कर लेता था और वाहन लेकर आसानी से फरार हो जाता था।
अहमदाबाद से गिरफ्तारी और बरामदगी
बीती 11 जुलाई की रात शहर के एक मकान के बाहर से करीब 20 लाख रुपये मूल्य की टॉप मॉडल क्रेटा चोरी हुई थी। इसी मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने अहमदाबाद से सरफराज और दीपक को दबोच लिया, जिनकी निशानदेही पर इंदौर से चोरी की गई क्रेटा कार भी बरामद कर ली गई है।
गिरोह का दायरा और आपराधिक इतिहास
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका यह नेटवर्क राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में फैला हुआ है। सरफराज कबाड़ का व्यवसाय करता है और दीपक डिफॉल्टर गाड़ियां खरीदता है, जो मिलकर राजस्थान के कई शहरों और मध्य प्रदेश के उज्जैन-देवास से अब तक छह क्रेटा गाड़ियां चुरा चुके हैं।

More Stories
DCP संदीप लांबा को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, ट्रांसफर की मांग खारिज
LADC वकीलों की नियुक्ति पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश
11 केवी बिजली लाइन से करंट लगने पर महिला की मौत, विभाग पर उठे सवाल