नई दिल्ली: सरकारी दफ्तरों में काम करने के तौर-तरीकों और अनुशासन को लेकर व्यापार एवं कर विभाग (Trade & Taxes Department) ने एक बेहद कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यालयीन शिष्टाचार, अनुशासन और उचित ड्रेस कोड से जुड़ा एक नया सर्कुलर जारी किया है। यह सख्त कदम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के ठीक बाद उठाया गया है।
नए सर्कुलर के मुख्य निर्देश: जींस-टीशर्ट से करना होगा परहेज
नए नियमों के मुताबिक, अब विभाग के किसी भी कर्मचारी को दफ्तर में कैजुअल या तड़क-भड़क वाले कपड़े पहनने की इजाजत नहीं होगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान साफ-सुथरे, संयमित और शालीन औपचारिक कपड़ों (फॉर्मल वियर) में ही आना होगा। इसके साथ ही, कार्यालय में आने वाले आम लोगों और सहकर्मियों के साथ बेहद पेशेवर और शिष्ट व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
सीट बदलने पर रोक, अपनी डेस्क पर ही करना होगा काम
अक्सर देखा जाता है कि सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी अपनी सीट छोड़कर दूसरों की डेस्क पर समय बिताते हैं। इस पर लगाम लगाते हुए आदेश दिया गया है कि सभी अधिकारी केवल अपने निर्धारित वर्कस्टेशन (कुर्सी/डेस्क) पर बैठकर ही काम करेंगे। बिना किसी ठोस वजह या अनुमति के किसी दूसरे कर्मचारी की सीट का इस्तेमाल करने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। सभी शाखा प्रमुखों और वार्ड प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि इन नियमों का सख्ती से पालन हो, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम की 'सर्जिकल स्ट्राइक' से मचा था हड़कंप
दरअसल, यह पूरा मामला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उस औचक निरीक्षण से जुड़ा है, जो उन्होंने हाल ही में आईटीओ (ITO) स्थित विभागीय कार्यालय में किया था। मुख्यमंत्री जब बिना किसी पूर्व सूचना के दफ्तर पहुंचीं, तो ऑफिस टाइम होने के बावजूद कई बड़े अधिकारी अपनी सीट से नदारद थे, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने मौके पर मौजूद स्टाफ से हाजिरी के समय को लेकर पूछताछ की थी और विभाग का पूरा अटेंडेंस रिकॉर्ड तलब किया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और 162 अफसरों का तबादला
औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सिर्फ अनुशासन ही नहीं, बल्कि दफ्तर की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा का भी जायजा लिया था। उन्होंने कार्यालय भवन में बेहद संकरे और बदहाल निकासी रास्तों को देखकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और पूछा कि यदि कभी आग जैसी कोई आपात स्थिति बनती है, तो लोगों की सुरक्षित निकासी कैसे होगी?

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