इंदौर
शाजापुर विधायक अरूण भीमावत को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। कोर्ट ने उनके खिलाफ प्रस्तुत चुनाव याचिका में 12 नवंबर 2024 को बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था जो सोमवार को जारी करते हुए कोर्ट ने भीमावत के खिलाफ प्रस्तुत चुनाव याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने माना कि याचिका निराधार है और इसमें आगे सुनवाई जारी रखने का कोई मतलब नहीं।
क्या भी यह याचिका
भीमावत के खिलाफ यह चुनाव याचिका कांग्रेस के टिकट पर उनके सामने मैदान में उतरे हुकुमसिंह कराडा ने एडवोकेट अभिनव धनोतकर के माध्यम से दायर की थी।
याचिका में कहा था कि मतगणना के दौरान 158 डाक मतों को गलत तरीके से निरस्त किया गया था।
याचिकाकर्ता ने आपत्ति लेते हुए दोबारा मतगणना के लिए आवेदन भी दिया था।
लेकिन दोबारा मतगणना नहीं कराते हुए निर्वाचन आयोग ने यह कहते हुए कि आवेदक को रिकार्ड दिखा दिया गया है आवेदन का निराकरण कर दिया।
भीमावत ने इस याचिका को निरस्त करने की मांग करते हुए एक आवेदन हाई कोर्ट में प्रस्तुत किया था।
पिछली सुनवाई पर भीमावत की तरफ से महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने करीब डेढ घंटे तक बहस की थी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।
यह आदेश सोमवार 17 फरवरी को जारी हुआ।
कोर्ट ने भीमावत की ओर से प्रस्तुत आवेदन को स्वीकारते हुए कराडा की ओर से प्रस्तुत चुनाव याचिका निरस्त कर दी।
कोर्ट ने 21 पेज का विस्तृत फैसला जारी किया है।

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