मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम यादव का बड़ा ऐलान, एमपी में जल्द लागू होगी UCC

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी हमारे प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आजादी के समय ही संविधान की विसंगतियों को पहचानते हुए 'एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान' का नारा दिया था। हमारे लिए यह बेहद गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश भी उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी कर रहा है।

यूसीसी समिति का कार्यकाल 26 जुलाई तक बढ़ा

तकनीकी कारणों को देखते हुए समान नागरिक संहिता समिति की अवधि को 26 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है, जिसका कार्यकाल पहले 26 जून को पूरा हो रहा था। समिति के सदस्यों के मुताबिक, विधानसभा से इस विधेयक के पास होने के बाद भी समिति का काम खत्म नहीं होगा। कानून को अमलीजामा पहनाने के लिए जरूरी नियम और गाइडलाइंस तैयार करने की जिम्मेदारी भी इसी समिति की देखरेख में पूरी होगी, इसी वजह से इसकी समय-सीमा में बढ़ोतरी की गई है।

जनता से मिले 9.5 लाख से ज्यादा सुझाव

इस कानून को लेकर प्रदेश की जनता में भारी उत्साह देखा गया है और समिति को अब तक 9.5 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं, जिनमें से 4 लाख ऑनलाइन और बाकी अन्य माध्यमों से आए हैं। इन सभी प्रतिक्रियाओं का बारीकी से अध्ययन कर जरूरी बिंदुओं को अंतिम ड्राफ्ट में जोड़ा जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, सुझाव देने वालों में महिलाओं की संख्या काफी अच्छी रही, जिसमें से करीब 3.8 लाख (95 फीसदी) महिलाओं ने यूसीसी का पुरजोर समर्थन किया। वहीं, 5.5 लाख पुरुषों में से लगभग 5.1 लाख (92 फीसदी) इसके पक्ष में दिखे। इसके अलावा, मुस्लिम समुदाय से मिले लगभग 29 हजार सुझावों में से 38 प्रतिशत लोगों ने इस संहिता का समर्थन किया है, जबकि विभिन्न संस्थाओं से भी समिति को 2 हजार के करीब सुझाव प्राप्त हुए हैं।

मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर सबसे न्यूनतम

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश देशहित में हर जरूरी कदम उठा रहा है। डॉ. मुखर्जी के विजन के अनुरूप राज्य में औद्योगिकीकरण और हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने पहली बार रक्षा क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए एक नया इतिहास रचा है, जिसके तहत अब राज्य के भीतर ही विभिन्न प्रकार के सैन्य उपकरणों और रक्षा उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। सीएम ने खुशी जताते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य बन चुका है और हम चौतरफा विकास के साथ प्रदेश को सशक्त बनाने के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।