भोपाल | पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार को बंगाल प्रवास पर पहुंचे डॉ. यादव ने कोलकाता और मेदिनीपुर के चुनावी क्षेत्रों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। दो विधानसभा क्षेत्रों में सघन जनसंपर्क करते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर मतदाताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो बंगाल कभी देश का नेतृत्व करता था, वह आज विकास के पायदान पर काफी नीचे गिर गया है। उन्होंने राज्य की खुशहाली के लिए केंद्र और राज्य में एक ही दल (डबल इंजन) की सरकार की वकालत की।
परिवर्तन की पुकार: 'अराजकता के दौर का होगा अंत'
कमरहाटी विधानसभा में पदयात्रा के दौरान डॉ. मोहन यादव का एक अलग अंदाज नजर आया। उन्होंने आम नागरिकों के घरों तक पहुंचकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल की वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, "मोदी युग में जब हर राज्य विकास की नई गाथा लिख रहा है, तब बंगाल का पीछे रहना दुखद है। यहाँ की जनता अब अव्यवस्था और असुरक्षा के माहौल से तंग आ चुकी है और बदलाव के लिए तैयार है।" उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार 'जंगलराज' को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है।
युवाओं के भविष्य और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने वार्ड स्तर पर पैदल भ्रमण कर दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की शिकायतें सुनीं। भाजपा प्रत्याशी अरुप चौधरी को विजयी बनाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश और युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए भाजपा की जीत अनिवार्य है। डॉ. यादव ने तीखा सवाल किया कि "जब केंद्र सरकार देश को विश्व पटल पर गौरवान्वित कर रही है, तो बंगाल क्यों पतन की ओर अग्रसर है?" उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल के गौरव को पुनर्जीवित करने के लिए 'कमल' का खिलना और भाजपा का सत्ता में आना समय की मांग है।

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