भोपाल
मोहन सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार विधानसभा सत्र की समाप्ति यानी 21 दिसंबर के बाद होने की संभावना है। 25 दिसंबर के पहले इसे करने की तैयारी है। संभावित मंत्रियों के नामों पर मुख्यमंत्री और अन्य प्रदेश पदाधिकारियों की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक दौर की बैठक हो चुकी है। इस बैठक के बाद कई दावेदार अपना नाम नहीं होने की खबरों से सहम गए हैं।
इन चार फॉर्म्युले के तहत होगा गठन
मोहन यादव की कैबिनेट का गठन इन चार फॉर्म्युले के तहत हो सकता है। पहला है, नए पुराने चेहरों को मौका दिया जा सकता है। दूसरा, इस बार हर लोकसभा सीट से एक नेता को मंत्री बनाया जा सकता है। तीसरा, जातिगत समीकरण साधने के लिए सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिले। चौथा, सांसदी छोड़कर आए नेताओं को भी कैबिनेट में जगह मिले।
राज्यपाल के कार्यक्रम में बदलाव
कहा जा रहा है कि अभी 16 से 18 मंत्रियों को लेकर कैबिनेट का गठन हो सकता है। उसके बाद जरुरत पड़ने पर विस्तार किया जा सकता है। वहीं, दूसरी तरफ राज्यपाल के कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। राज्यपाल प्रोटेम स्पीकर को शपथ दिलाने के बाद भोपाल से अपने गृहप्रदेश चले गए थे। तय कार्यक्रम के अनुसार, राज्यपाल को मंगलवार शाम तक भोपाल वापस आना था लेकिन अब वह सोमवार को ही वापस आ रहे हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल के विस्तार की कवायद तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मंगलवार को कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। फिलहाल अभी राजभवन की तरफ से इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

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