August 21, 2026

CM मोहन यादव का जीरो टॉलरेंस एक्शन, कटनी पुलिस अधिकारी पर गिरी गाज

कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। कुठला थाना क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड और उससे जुड़े विवादित जमीन सौदे के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्पष्ट आदेश के बाद नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की त्वरित और सख्त कार्रवाई

इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य सचिव को संबंधित महिला पुलिस अधिकारी पर त्वरित निलंबन की कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर इस फैसले की जानकारी साझा की गई। शासन की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। प्रशासनिक या पुलिस पद का दुरुपयोग करने वालों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त निष्पक्ष जांच और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समेत तीन पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

कटनी की तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने और एक आरोपी को संरक्षण देने जैसे संगीन आरोप लगे हैं। पुलिस प्रशासन ने सीएसपी के साथ-साथ कांग्रेस नेता मारूफ अहमद हनफी और क्षितिज राज बारापत्रे के खिलाफ भी विभिन्‍न आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जबलपुर आईजी के स्तर से कराई गई उच्चस्तरीय जांच के आधार पर यह पूरा मामला सामने आया, जिसके बाद एक्शन लेते हुए सीएसपी दफ्तर को भी सील कर दिया गया था।

हत्याकांड से शुरू हुआ विवादित जमीन का पूरा घटनाक्रम

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत कुठला थानांतर्गत कन्हवारा गांव में हुई झब्बू कोल नामक युवक की हत्या से जुड़ी है। इस हत्याकांड में रमेश लोधी को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि पुलिस महकमे ने निर्धारित समय सीमा के भीतर विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने में लापरवाही बरती। इसी दौरान आरोपी रमेश की कीमती संपत्ति को लेकर एक बड़ा खेल रचा गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 15 अप्रैल को रमेश लोधी के स्वामित्व वाली खसरा नंबर 2618/1 की भूमि की रजिस्ट्री मारूफ अहमद हनफी के नाम पर करा दी गई। इसके बदले में नामांकित व्यक्ति को मात्र 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए। जबकि शासकीय गाइडलाइन के अनुसार उस विवादित भूमि का कुल बाजार मूल्य 82 लाख 86 हजार 930 रुपये के करीब आंका गया था। करोड़ों की इस बहुमूल्य जमीन को नाममात्र के दामों में हथियाने और आपराधिक साजिश में संलिप्तता पाए जाने के बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।