August 21, 2026

लगातार बढ़ती उधारी पर कांग्रेस का वार, जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 2,400 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिए जाने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस नई उधारी को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेलने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की वित्तीय नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए चालू वित्त वर्ष में अब तक ली गई कुल उधारी का आंकड़ा सार्वजनिक किया है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस पर जवाब मांगा है।

कांग्रेस का कड़ा प्रहार, वित्तीय प्रबंधन पर उठाए सवाल

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में ही राज्य सरकार अब तक लगभग 47,800 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश की कुल देनदारियां बढ़कर 5.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि "कर्ज लेकर घी पीने" और कमीशन-करप्शन के सरकारी कल्चर ने राज्य में सभी सीमाएं पार कर दी हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि सरकार लगातार कर्ज लेकर अपने नियमित प्रशासनिक खर्च चला रही है, जिसका अंतिम आर्थिक बोझ प्रदेश की आम जनता को भुगतना पड़ेगा।

पांच माह के भीतर 47,800 करोड़ की उधारी का गणित

प्रदेश सरकार ने 18 अगस्त को 2,400 करोड़ रुपये का नया ऋण लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 15 अप्रैल से 18 अगस्त के मध्य बाजार से जुटाई गई राशि का विवरण इस प्रकार है:

  • 21 जुलाई: सरकार ने एक ही दिन में सबसे बड़ी उधारी के रूप में 24,400 करोड़ रुपये जुटाए।

  • 4 अगस्त: दो अलग-अलग किश्तों में क्रमशः 1,600 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया।

  • 18 अगस्त: 2,400 करोड़ रुपये का नया ऋण लिया गया, जिससे महज चार महीनों की उधारी ₹47,800 करोड़ के पार पहुंच गई।

विपक्ष ने पूछा— विकास में कितना और फिजूलखर्ची में कितना लगा पैसा?

विपक्ष ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि राज्य का राजस्व बढ़ रहा है और वित्तीय स्थिति मजबूत है, तो इतनी बार-बार उधारी लेने की मजबूरी क्यों आ रही है। कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि इस भारी-भरकम कर्ज का कितना प्रतिशत हिस्सा वास्तविक पूंजीगत विकास कार्यों में खर्च किया जा रहा है और कितना पैसा केवल नियमित सरकारी खर्चों, ब्याज भुगतान व फिजूलखर्ची को पूरा करने में इस्तेमाल हो रहा है।