जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले कटनी जंक्शन से भारतीय रेलवे की बेजोड़ कर्तव्यनिष्ठा और अनुकरणीय मानवीय संवेदनशीलता की एक बड़ी मिसाल सामने आई है। पाटलिपुत्र से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई) की ओर जा रही डाउन सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को आधी रात के वक्त अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई, जिसके बाद ट्रेन के भीतर ही चलती बोगी में महिला की डिलीवरी हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जबलपुर रेल मंडल के कटनी रेलवे प्रशासन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू करते हुए न सिर्फ ट्रेन को गैर-शेड्यूल स्टॉपेज पर रुकवाया, बल्कि त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित महिला की जान बचाई।
कटनी में नहीं था एक्सप्रेस ट्रेन का स्टॉपेज, पर रेलवे कंट्रोल ने दिखाई संवेदनशीलता
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जनरल बोगी में प्रसव होने की खबर जैसे ही ट्रेन स्टाफ के माध्यम से रेलवे कंट्रोल रूम को मिली, कंट्रोलर ने बिना एक पल गंवाए तत्काल इसकी सूचना कटनी के डिप्टी एस.एस. कमर्शियल मुकेश मिश्रा को दी। चूंकि इस सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन का कटनी रेलवे स्टेशन पर कोई नियमित ठहराव (स्टॉपेज) नहीं था, लेकिन महिला और नवजात शिशु की नाजुक व गंभीर स्थिति को देखते हुए जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने अद्वितीय संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने तत्काल आदेश जारी कर ट्रेन को आपातकालीन स्थिति में कटनी जंक्शन पर रोकने का निर्णय लिया।
प्लेटफॉर्म पर अलर्ट मोड में खड़ी रही डॉक्टरों और आरपीएफ की टीम, कोच से सुरक्षित उतारा
कंट्रोल रूम से ग्रीन सिग्नल मिलते ही डिप्टी एस.एस. कमर्शियल मुकेश मिश्रा ने स्टेशन पर तत्काल मोर्चा संभाला। उन्होंने तुरंत रेलवे के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डॉक्टर), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और स्टेशन के सफाई मित्रों सहित पूरी आपातकालीन टीम को प्लेटफॉर्म पर अलर्ट मोड में तैनात कर दिया।
जैसे ही ट्रेन कटनी जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, पूरी टीम बिना समय गंवाए सीधे संबंधित जनरल कोच के भीतर दाखिल हुई। रेलवे कर्मियों ने संवेदनशीलता के साथ भीड़ को नियंत्रित किया और महिला व उसके परिजनों को बेहद सावधानीपूर्वक ट्रेन से नीचे उतारा।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद नवजात शिशु घोषित मृत, जिला अस्पताल में चल रहा है मां का इलाज
प्लेटफॉर्म पर ही मौजूद रेलवे के वरिष्ठ चिकित्सकों ने तुरंत मां और नवजात शिशु का गहन स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया। हालांकि, बेहद दुर्भाग्यवश और गंभीर परिस्थितियों के कारण डॉक्टरों ने नवजात शिशु को मृत घोषित कर दिया, जिससे वहां मौजूद रेलकर्मी और परिजन स्तब्ध रह गए।
इसके बाद, प्रसव के कारण अत्यधिक कमजोरी और गंभीर हालत से जूझ रही पीड़ित महिला को बिना किसी देरी के स्टेशन परिसर के बाहर पहले से तैयार खड़ी 108 एम्बुलेंस की मदद से आगे के सघन उपचार के लिए तत्काल जिला शासकीय अस्पताल रवाना किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के कारण महिला की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर है। परिजनों ने संकट के इस समय में जबलपुर रेल मंडल और कटनी स्टेशन स्टाफ द्वारा की गई इस त्वरित व देवदूत जैसी सहायता के लिए रेलवे प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।

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