काराकास। वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल ने भारत सरकार द्वारा उनके देश में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अमिस्ताद' (Operation Amistad) की दिल खोलकर तारीफ की है। विदेश मंत्री ने वेनेजुएला में भारत की ओर से युद्धस्तर पर स्थापित किए गए विशेष फील्ड अस्पताल का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और वहां भूकंप पीड़ितों को दी जा रही उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का बारीकी से मुआयना किया। इस संकट की घड़ी में वेनेजुएला के नागरिकों की तरफ मदद का मजबूत हाथ बढ़ाने के लिए उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वहां की सहृदय जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
आपदा के बीच एकजुटता और कूटनीतिक समन्वय
फील्ड अस्पताल के निरीक्षण के उपरांत एक आधिकारिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री इवान गिल ने कहा कि उन्होंने वहां दोनों देशों के बीच मानवीय एकजुटता और भाईचारे का एक अद्भुत एवं भावुक कर देने वाला उदाहरण देखा है। इस दौरे के समय वेनेजुएला में भारत के राजदूत पीके अशोक बाबू, भारतीय राहत संचालन के प्रभारी कमांडर, राष्ट्रीय हिप्पोड्रोम संस्थान के निदेशक और अध्यक्ष जूलियो लियोन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इस अस्थाई अस्पताल के सुचारू संचालन में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं।
प्रतिदिन सैकड़ों पीड़ितों का उपचार और आपातकालीन सर्जरी
विदेश मंत्री ने अस्पताल की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए बताया कि इस चिकित्सा केंद्र में रोजाना लगभग 400 प्रभावित लोगों को विभिन्न प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा रही है। अस्पताल में हालिया विनाशकारी भूकंप के कारण गंभीर रूप से घायल हुए लोगों, अस्थि भंग (फ्रैक्चर) और अंदरूनी चोटों (हेमाटोमा) से ग्रसित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, यहां पीड़ितों के लिए दंत चिकित्सा, आधुनिक एक्स-रे और छोटी-मोटी सर्जरी (माइनर ऑपरेशन्स) की सुविधाएं भी चौबीसों घंटे चालू हैं। इस दौरान उन बहादुर बचावकर्मियों का भी उपचार किया जा रहा है जो राहत अभियानों में अपने देशवासियों की जान बचाते समय चोटिल हो गए थे।
विनाशकारी भूकंप की त्रासदी और वैश्विक आंकड़ों का खौफ
भारत और वेनेजुएला के इस गहरे होते संकटकालीन भाईचारे के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने आपदा की भयावहता के आंकड़े जारी किए हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पिछले सप्ताह वेनेजुएला में आए इस भीषण भूकंप के कारण अब तक 2,300 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 5,000 से ज्यादा नागरिक गंभीर रूप से जख्मी हैं। इस प्राकृतिक त्रासदी ने करीब 16,000 लोगों को बेघर कर दिया है, जिनके लिए भारतीय फील्ड अस्पताल इस समय एक बड़े जीवन रक्षक और संबल के रूप में सामने आया है।

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