नई दिल्ली / चेन्नई: तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री और 'तमिलागा वेट्री कजगम' (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ गुरुवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है. बैठक स्थगित होने के वास्तविक कारणों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक अब यह मुलाकात अगले सप्ताह होने की उम्मीद है. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह बैठक गुरुवार सुबह दस बजे 'दस जनपथ' पर होनी थी, जिसे बुधवार देर रात अचानक टालने का फैसला लिया गया. इस बैठक के स्थगित होने से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री विजय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार मुलाकात की थी.
गठबंधन सरकार बनने के बाद पहली दिल्ली यात्रा
हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी 'तमिलागा वेट्री कजगम' (टीवीके) सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई थी. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), माकपा (CPI-M), विदुथलाई चिरुथाईगल कजगम (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के साथ मिलकर राज्य में एक मजबूत गठबंधन सरकार बनाई है. बीती 13 मई को विधानसभा में आसानी से विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री के रूप में विजय का यह पहला दिल्ली दौरा है. यही वजह है कि सरकार में मुख्य सहयोगी दल कांग्रेस के आलाकमान से होने वाली उनकी इस मुलाकात पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई थी.
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, कावेरी और राज्य गान विवाद पर चर्चा
बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के सेवा तीर्थ परिसर में मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगभग 25 मिनट तक मुलाकात की और तमिलनाडु के हितों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा. मुख्यमंत्री ने कर्नाटक सरकार द्वारा कावेरी नदी पर 'मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना' के लिए भूमि पूजन की घोषणा पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि यह कदम कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन है, जिससे तमिलनाडु के किसानों में भारी आक्रोश है.
इसके अलावा, उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद तीसरे स्थान पर तमिलनाडु के राज्य गान 'तमिल थाई वजथु' को गाए जाने पर पैदा हुए विवाद का मामला भी उठाया. उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्रालय एक स्पष्ट निर्देश जारी करे, जिससे सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में ही राज्यों के राज्य गीतों को सम्मानपूर्वक गाने की अनुमति मिल सके.
मछुआरों की सुरक्षा और वित्त मंत्री से विशेष फंड की मांग
प्रधानमंत्री के सामने मछुआरों की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा रखते हुए मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक तमिलनाडु के मछुआरों को बंदी बनाए जाने की 12 घटनाएं हो चुकी हैं. वर्तमान में राज्य के 58 मछुआरे श्रीलंका की कैद में हैं और उनकी 266 नौकाओं को जब्त कर लिया गया है, जिन्हें शीघ्र मुक्त कराने के लिए केंद्र सरकार श्रीलंकाई प्रशासन पर कूटनीतिक दबाव बनाए.
प्रधानमंत्री से भेंट करने के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के आर्थिक और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए एक विशेष मांग पत्र सौंपकर अतिरिक्त वित्तीय सहायता (फंड) की मांग की. उन्होंने राज्य के प्रमुख बंदरगाहों, राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे प्रोजेक्ट्स और औद्योगिक गलियारों को प्राथमिकता के आधार पर बजट देने का अनुरोध किया. दशकों बाद तमिलनाडु की सत्ता से द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के पारंपरिक वर्चस्व को खत्म कर मुख्यमंत्री बने विजय के इस दिल्ली दौरे को भविष्य की राजनीति और केंद्र-राज्य संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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