रायपुर| रायपुर में पेट्रोल के दामों में लगातार उछाल, ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता और ई20 (E20) पेट्रोल को लेकर ग्राहकों के मन में फैली आशंकाओं का असर अब ऑटोमोबाइल सेक्टर पर साफ नजर आने लगा है। छत्तीसगढ़ राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग में अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई है। जुलाई के महीने में प्रदेश में पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान 6,500 से अधिक ईवी वाहन बिके, जिनमें सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का रहा है, जबकि इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है।
जुलाई में ईवी वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री
पिछले महीने यानी जुलाई में छत्तीसगढ़ के भीतर कुल 4,526 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बेचे गए। इसके अतिरिक्त, 1,590 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की भी अच्छी मांग रही। वहीं, इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री का आंकड़ा भी लगभग 400 यूनिट तक पहुंच गया। इन सबको मिलाकर जुलाई माह में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री साढ़े छह हजार के आंकड़े को पार कर गई, जो ऑटो बाजार में पर्यावरण-अनुकूल वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता को साफ बयां करती है।
ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 12 फीसदी हुई
राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों का दायरा तेजी से फैल रहा है। बीते जून महीने में ईवी की कुल बाजार हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी कम थी, जो जुलाई में उछलकर करीब 12 प्रतिशत तक पहुंच गई। जुलाई के दौरान प्रदेशभर में सभी श्रेणियों के लगभग 53,194 कुल वाहन बिके, जिसमें 6,500 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन शामिल रहे। यदि तुलना करें तो जून में कुल वाहन बिक्री 49,138 थी, यानी जुलाई में कुल वाहन बिक्री में लगभग 8.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
पेट्रोल से चलने वाले वाहन अभी भी बाजार में आगे
ईवी सेक्टर में बूम के बावजूद, प्रदेश के ऑटोमोबाइल बाजार में पेट्रोल वाहनों का दबदबा अब भी कायम है। जुलाई के दौरान लगभग 34,360 पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहन बिके। इसके साथ ही पेट्रोल सेगमेंट में करीब 5,185 चारपहिया वाहन, 2,249 कमर्शियल वाहन और 5,009 ट्रकों की बिक्री दर्ज की गई। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता भविष्य में ऑटो बाजार के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।
ईंधन संकट और कीमतों ने बढ़ाई इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ दिलचस्पी
पेट्रोल की उपलब्धता और इसके लगातार बढ़ते दामों को लेकर उपभोक्ता अब इलेक्ट्रिक वाहनों को एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। कुछ समय पहले रायपुर समेत राज्य के कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनों की स्थिति ने लोगों को वैकल्पिक ईंधन के महत्व को समझाया। यही वजह है कि खासकर दोपहिया वाहन खरीदने वाले आम लोग अब पेट्रोल स्कूटर की जगह इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ई20 पेट्रोल भी बना बड़ी चर्चा का विषय
पेट्रोल में एथेनॉल के मिश्रण और ई20 पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन चालकों के मन में कई तरह के संशय बने हुए हैं। इसका सीधा प्रभाव नए वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के फैसलों पर भी पड़ रहा है। जो लोग नई गाड़ियां लेने की सोच रहे हैं, वे पेट्रोल की कीमतें, उसकी उपलब्धता और ई20 से जुड़े तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल की तरफ रुख कर रहे हैं।
भविष्य में और तेजी से बढ़ सकती है मांग
ऑटोमोबाइल जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद का यह ग्राफ और ऊपर जा सकता है। जुलाई में पहली बार साढ़े छह हजार से ज्यादा ईवी बिकना और मार्केट शेयर का 12% तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि आने वाला समय पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का होने वाला है।
जुलाई माह के ऑटोमोबाइल बिक्री के आधिकारिक आंकड़े
| वाहन श्रेणी | जुलाई में हुई कुल बिक्री |
| इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन | 4,526 |
| इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन | 1,590 |
| इलेक्ट्रिक कार | करीब 400 |
| पेट्रोल दोपहिया वाहन | 34,360 |
| पेट्रोल चारपहिया वाहन | 5,185 |
| कमर्शियल वाहन | 2,249 |
| ट्रक | 5,009 |
| सभी ईंधन श्रेणियों के कुल वाहन | 53,194 |

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