August 10, 2026

ड्रेसिंग रूम में मस्ती का माहौल, शमी ने बताया टीम इंडिया के सबसे मजेदार खिलाड़ी का नाम

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने पुराने साथी शिखर धवन को टीम इंडिया का सबसे मजेदार खिलाड़ी करार दिया है। शमी और धवन ने लगभग एक दशक तक साथ में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है, जहां धवन ने तीनों प्रारूपों में सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाई, वहीं शमी ने तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाली। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जब शमी से ड्रेसिंग रूम के सबसे मजाकिया खिलाड़ी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बिना समय गंवाए शिखर धवन का नाम लिया और उनसे जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी शेयर किया।

हार के बाद भी माहौल खुशनुमा रखते थे धवन

शमी ने बताया कि मैच हारने के बाद भी धवन ड्रेसिंग रूम के माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखने में माहिर थे। उन्होंने साझा किया कि कभी-कभी जब टीम को हार मिलती थी और सभी खिलाड़ी चेंजिंग रूम में मायूस बैठे होते थे, तो धवन कुछ अनोखा करने की कोशिश करते थे। शमी के अनुसार, धवन अचानक जोर-जोर से हंसने लगते थे और जब उनसे पूछा जाता कि वह क्यों हंस रहे हैं, तो उनका जवाब होता था कि "क्योंकि हम हार गए।"

तेज गेंदबाज ने आगे बताया कि धवन कभी-कभी मेज पर खड़े होकर पंजाबी गानों पर डांस भी करने लगते थे। शमी का मानना है कि धवन की इस तरह की हरकतों से ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती थी। सालभर क्रिकेट खेलने के दौरान हार-जीत का सिलसिला चलता रहता है, लेकिन धवन की मस्ती की वजह से टीम में कोई भी खिलाड़ी बहुत लंबे समय तक निराशा में नहीं डूबता था।

भारतीय टीम में पहली बार पहुंचने पर घबरा गए थे शमी

इसी बातचीत के दौरान शमी ने अपने शुरुआती दिनों की यादें भी ताजा कीं। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार भारतीय टीम से जुड़े थे, तो वहां मौजूद दिग्गजों को देखकर वह काफी नर्वस महसूस कर रहे थे। मैच से एक दिन पहले टीम की मीटिंग थी और जब वह कमरे के अंदर गए, तो उन्हें अपने आसपास ऐसे खिलाड़ी दिखाई दिए जिन्हें उन्होंने सिर्फ सपनों में ही देखा था। उस समय वह चुपचाप जाकर अपनी सीट पर बैठ गए थे।

युवराज सिंह ने कुर्सी पर खड़ा करवा दिया

शमी ने किस्सा आगे बढ़ाते हुए बताया कि टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने उन्हें कुर्सी पर खड़े होकर भाषण देने को कहा। हालांकि, इतने बड़े खिलाड़ियों के बीच घबराहट के कारण शमी कुछ बोल ही नहीं पाए। उन्होंने बताया कि डर और झिझक की वजह से उन्हें कुछ याद ही नहीं आ रहा था और उन्होंने बमुश्किल सिर्फ अपना नाम और अपने शहर का नाम बताया, जिसके आगे वह कुछ और नहीं कह सके।