इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर मामले में आरोपी पार्षद जीतू यादव पर भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनात्मक करवाई की. जीतू यादव को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है. हालांकि, पार्षद ने पार्टी की कार्रवाई से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. दरअसल, इंदौर नगर निगम के वार्ड 24 के पार्षद जितेन्द्र कुमार (जीतू यादव) द्वारा पार्टी के ही पार्षद से विवाद के बाद अपमानजनक वारदात को अंजाम देने से पार्टी की छवि धूमिल हुई थी. इस बात को गंभीरता से लेते हुए पार्टी ने जीतू यादव के इस रुख को अनुशासनहीनता माना. अब मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने वार्ड 24 के पार्षद जितेन्द्र कुमार (जीतू यादव) को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है.
CM ने सख्त कार्रवाई के दिए थे निर्देश
बता दें कि यह घटना इंदौर नगर निगम के वार्ड नंबर 65 से संबंधित है. इंदौर एमआईसी सदस्य जीतू यादव और पार्षद कमलेश कालरा के बीच एक विवाद चल रहा था. उसी मामले में जीतू के समर्थकों ने बीजेपी के ही पार्षद कमलेश कालरा के नाबालिग बेटे को उसकी मां और दादी के सामने पीटा गया और दुर्व्यवहार किया था.
इंदौर पुलिस के एक अधिकारी ने इस मामले की जांच के बाद बताया था कि बताया कि यह घटना चार जनवरी 2025 को हुई थी. कम से कम 25 लोगों ने एक व्यक्ति के घर में घुसकर तोड़-फोड़ और उसके परिजनों से गाली-गलौज और मारपीट की थी. उन्होंने कहा कि हमलावरों ने घटना के दौरान एक नाबालिग लड़के को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर दिया था. इसका कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. अधिकारी ने बताया कि घटना को दो लोगों के बीच फोन पर बहस को लेकर हुए विवाद के कारण अंजाम दिया गया था. इस मामले में एमपी के सीएम मोहन यादव ने भी इंदौर की इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को निर्देश दिए हैं कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए.

More Stories
हाईटेंशन लाइन के पोल से टकराकर झुकी बस, मौके पर मची अफरा-तफरी
Datia जिला अस्पताल में नकाबपोशों का आतंक, मरीज के अटेंडर से मारपीट
World Book Day पर ज्ञान का उत्सव, Mohan Yadav ने दिया किताबों से जुड़ने का संदेश