पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली से लौटने के बाद बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात कर संभावित कैबिनेट विस्तार और मंत्रियों की संख्या पर विस्तृत चर्चा की। सूत्रों की मानें तो जदयू इस बार कैबिनेट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए दबाव बना रही है।
बहुमत साबित करने के बाद होगा विस्तार 24 अप्रैल को सम्राट चौधरी विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे। माना जा रहा है कि इसके तुरंत बाद या मई की शुरुआत में कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। फिलहाल सरकार मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम (विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव) के भरोसे चल रही है। बंगाल चुनाव के कारण कई विधायक फिलहाल वहां व्यस्त हैं, इसलिए अंतिम विस्तार बंगाल चुनाव के चरणों के समापन के बाद संभावित है।
नए चेहरों की एंट्री और दिग्गजों की विदाई संभव नई कैबिनेट में भाजपा, जदयू और लोजपा-आर से नए चेहरों को मौका मिल सकता है, जबकि नीतीश सरकार के कुछ पुराने मंत्रियों की विदाई तय मानी जा रही है। विशेषकर विजय कुमार सिन्हा की भूमिका को लेकर भी सियासी गलियारों में काफी चर्चा है। हम (HAM) और रालोमो (RLM) के कोटे में बड़े बदलाव की संभावना कम है।

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