MP News: ‘बसंत पंचमी’ हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है. इसे सरस्वती पूजा के तौर भी मनाया जाता है. इस बार ये त्योहार 23 जनवरी को मनाया जाएगा. इस दिन शुक्रवार पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की ‘अयोध्या’ कहे जाने वाले धार में इसके लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं. जिला प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था की है.
दोनों पक्षों से प्रशासन बातचीत कर रहा
‘बसंत पंचमी’ और जुमे की नमाज एक ही दिन होने से प्रशासन हरकत में आ गया है. पिछले रिकॉर्ड की बात करें तो साल 2006, 2013, 2016 के बाद अब 2026 में शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी पड़ रही है. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पहले तीन मौकों पर आगजनी, पथराव और कर्फ्यू जैसी स्थिति देखने को मिली थी. इस बार इस तरह की नौबत ना हो, इसके लिए प्रशासन हिंदू और मुस्लिम पक्ष से बातचीत कर रहा है.
CRPF के 8 हजार जवान तैनात किए जाएंगे
धार में व्यवस्था बने रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने कई सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पुलिस के 2000 जवानों ने रविवार को शहर में फ्लैग मार्च निकाला. ड्रोन और कैमरों से निगरानी रखी जाएगी. पूरे शहर में 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. जिले में पुलिस के 2435 कर्मचारी और अधिकारी तैनात रहेंगे. इसके साथ ही CRPF के 8000 जवान मोर्चा संभालेंगे.
‘बसंत पंचमी’ को धार में विवाद स्थिति क्यों बनती है?
धार में भोजशाला है जिसे राजा भोज ने बनवाया था. यहां एक वाग्देवी यानी सरस्वती देवी की प्रतिमा थी, जिसे अंग्रेज बाद में लंदन ले गए.
हिंदू पक्ष इसे सरस्वती सदन या सरस्वती मंदिर मानता है.
वहीं मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद मानता है.
कोर्ट ने भोजशाला में पूजा और नमाज के लिए दिन तय कर दिया है.
जहां मंगलवार को हिंदू पक्ष पूजा करता है. इसे सूर्योदय से सूर्यास्त तक तय किया गया.
शुक्रवार का दिन नमाज के लिए तय किया गया है.

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