भोपाल : सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन और कारगर चिकित्सा पद्धति है, इसे अपनाकर मरीज का रोग जड़ से मिट सकता है। आयुर्वेद के माध्यम से मरीजों की निस्वार्थ सेवा बड़े पुण्य का कार्य है। मंत्री सारंग ने भोपाल के अयोध्यानगर में शरद पूर्णिमा पर आयोजित निःशुल्क श्वांस, दमा निवारण शिविर में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय ने कहा कि राजधानी के 5 नंबर स्टाप के समीप एक उद्यान वाटिका स्थापित की गई है, जिसमें औषधीय पौधे लगाये गये हैं। इन पौधों की पहचान और गुण-धर्म के बारे में लोगों की जानकारी के लिए क्यूआरकोड लगाये जायेंगे।
अखंड आयुर्वेद भवन महोबा के संस्थापक प. चन्द्रशेखर वैद्य ने बताया कि इस 35वें निःशुल्क शरद शिविर में अस्थमा, दमा और भोपाल गैस त्रासदी से पीड़ित मरीजों को नाडी परीक्षण के बाद आयुर्वेदिक औषधि दी जाती है। यह औषधि गाय के दूध से बनी चावल की खीर को केले के पत्ते पर रखकर दी जाती है। शिविर में 35 हजार से ज्यादा मरीजों को औषधि दी गयी। यह औषधि प्रातः 4:15 मिनिट पर ब्रम्ह मुहूर्त में सेवन करवायी जाती है। अभी तक लगभग 10 लाख लोग लाभांवित हुए हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में उपस्थित लोगों से पाँच-पाँच उपयोगी पौधे जैसे-पीपल, आवंला, पलाश, बेलपत्र और जामुन का पौधा लगाने का आग्रह किया गया और नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलवाया गया है।
इस अवसर पर महंत रामदास, वैद्य नितिन तिवारी और वैद्य प्रियंका तिवारी भी उपस्थित रही, जिन्होंने महिलाओं का नाड़ी परीक्षण कर औषधि वितरण किया। शुरूआत में अतिथियों ने भगवान धन्वंतरी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

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