हरियाली तीज पर खान-पान में बरतें ये सावधानियां
हरियाली तीज का त्योहार आते ही घरों में पूजा-पाठ के साथ स्वादिष्ट पकवानों की तैयारी भी शुरू हो जाती है। व्रत रखने वाली महिलाएं जहां फलाहार और सात्विक भोजन का ध्यान रखती हैं, वहीं परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए भी तरह-तरह के पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन त्योहार की खुशी में कई बार हम ऐसी चीजें भी बना लेते हैं, जिन्हें ज्यादा देर तक रखने या गलत तरीके से तैयार करने पर स्वाद के साथ उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
खासकर बरसात के मौसम में नमी और उमस अधिक होने के कारण भोजन को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। दूध से बनी चीजें, बहुत ज्यादा तली हुई मिठाइयां या लंबे समय तक बाहर रखा भोजन जल्दी खराब हो सकता है। वहीं कुछ पकवान ऐसे होते हैं जो बहुत ज्यादा तेल, चीनी या मसालों के कारण भारी महसूस हो सकते हैं।
इसलिए हरियाली तीज पर मेन्यू बनाते समय सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि मौसम, भोजन की ताजगी और खाने वाले व्यक्ति की सेहत का भी ध्यान रखें। यहां जानिए ऐसी 5 तरह की चीजें जिन्हें तीज पर बनाते या परोसते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही जानेंगे कि इनके बेहतर विकल्प क्या हो सकते हैं।
1. बहुत देर तक बाहर रखी दूध से बनी मिठाइयां
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हरियाली तीज के मौके पर खीर, रबड़ी, कलाकंद, पेड़ा या अन्य दूध से बनी मिठाइयां खूब पसंद की जाती हैं।
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लेकिन बरसात के मौसम में इन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना ठीक नहीं है।
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दूध और उससे बनी चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं।
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अगर मिठाई या डेयरी आधारित व्यंजन कई घंटे तक बाहर रखा है, तो उसका स्वाद, गंध और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
क्या करें?
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मिठाइयों को जरूरत के अनुसार ही तैयार करें और जल्दी खराब होने वाली चीजों को उचित तापमान पर रखें।
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बाजार से खरीदी गई मिठाई हो तो उसकी पैकेजिंग और स्टोरेज संबंधी निर्देश जरूर देखें।
2. बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजें
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तीज के त्योहार पर पकौड़े, पूड़ी, कचौड़ी और दूसरी तली हुई चीजें बनाने का चलन कई घरों में है।
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स्वाद के लिहाज से ये शानदार लगती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा तेल में तली चीजें खाने के बाद भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है।
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अगर व्रत के दौरान लंबे समय तक कुछ नहीं खाया गया हो, तो अचानक बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन करना खास तौर पर भारी पड़ सकता है।
क्या खाएं?
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तली हुई चीजों की मात्रा सीमित रखें और जरूरत हो तो कम तेल में बने विकल्प चुनें।
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भोजन में फल, दही या अन्य हल्के विकल्प भी शामिल किए जा सकते हैं।
3. बहुत ज्यादा चीनी वाली मिठाइयां
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त्योहार मिठाइयों के बिना अधूरा लगता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर पकवान में जरूरत से ज्यादा चीनी डाल दी जाए।
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लड्डू, हलवा, खीर और दूसरी मिठाइयों में चीनी की मात्रा नियंत्रित रखना बेहतर है।
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खासकर उन लोगों को मिठाई खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए जिन्हें डॉक्टर ने चीनी या कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सीमित करने की सलाह दी है।
क्या करें?
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मिठाई छोटी मात्रा में परोसें और संभव हो तो कम मीठे विकल्प चुनें।
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फल और मेवों से तैयार कुछ हल्के विकल्प भी त्योहार के मेन्यू में शामिल किए जा सकते हैं।
4. बहुत ज्यादा मसालेदार और भारी खाना
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त्योहार के उत्साह में कई बार सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा मसालेदार और भारी खाना तैयार हो जाता है।
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लेकिन बरसात के मौसम में पाचन से जुड़ी परेशानी वाले लोगों के लिए बहुत ज्यादा मसाला, तेल और भारी ग्रेवी असहजता बढ़ा सकती है।
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अगर घर में बुजुर्ग, बच्चे या संवेदनशील पाचन वाले लोग हैं तो मेन्यू में कुछ हल्के व्यंजन जरूर रखें।
बेहतर तरीका:
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मसालों का संतुलित इस्तेमाल करें और भोजन में दाल, सब्जियां, फल या अन्य पौष्टिक विकल्प शामिल करें।
5. लंबे समय तक रखा हुआ या दोबारा गर्म किया भोजन
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त्योहार के दिन घर में ज्यादा खाना बन जाता है और कई बार बचा हुआ भोजन अगले दिन तक चलता है। लेकिन हर भोजन को लंबे समय तक रखना सुरक्षित नहीं होता।
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विशेष रूप से पके हुए चावल, दूध से बने व्यंजन और अन्य जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर सावधानी जरूरी है।
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भोजन को सही तरीके से स्टोर करना और जरूरत पड़ने पर अच्छी तरह गर्म करना महत्वपूर्ण है। अगर भोजन की गंध, स्वाद या बनावट असामान्य लगे तो उसे खाने से बचना बेहतर है।
तीज पर क्या बनाएं?
अगर आप तीज के लिए स्वादिष्ट लेकिन अपेक्षाकृत हल्का मेन्यू बनाना चाहते हैं, तो ये विकल्प शामिल कर सकते हैं:
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ताजे फल और फ्रूट प्लेटर
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घर की बनी हल्की मिठाई
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दही या रायता
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मौसमी सब्जियों की हल्की सब्जी
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कम तेल में बने व्यंजन
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मेवों की सीमित मात्रा
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ताजा तैयार फलाहार
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घर की बनी खीर, जिसे उचित तरीके से ठंडा रखकर परोसा जाए
व्रत रखने वालों के लिए खास सावधानी
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तीज के व्रत के नियम हर परिवार और क्षेत्र में अलग हो सकते हैं।
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कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ फलाहार या अन्य तरीके से व्रत रखते हैं।
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व्रत के दौरान अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।
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अगर किसी व्यक्ति को कोई स्वास्थ्य समस्या है, गर्भावस्था है या नियमित दवाएं चल रही हैं, तो उपवास करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

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