September 12, 2026

अब हाजिरी होगी डिजिटल, ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों को ही मिलेगा वेतन

रायपुर| छत्तीसगढ़ के सरकारी विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के बाद, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने वेतन जारी करने को लेकर नए और सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत, जुलाई 2026 से केवल उन्हीं टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ का वेतन रिलीज किया जाएगा, जिनकी अटेंडेंस ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होगी। इस संबंध में विभाग की तरफ से सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है।

ऑनलाइन अटेंडेंस से तय होगा वेतन भुगतान

संचालनालय के आदेश के मुताबिक, जिन शिक्षकों और कर्मचारियों का ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम पर रजिस्ट्रेशन हो चुका है और जो पोर्टल पर नियमित रूप से अपनी उपस्थिति लगा रहे हैं, उन्हें कार्य दिवसों के अनुसार ही सैलरी मिलेगी। यदि किसी कर्मी की अटेंडेंस कम पाई जाती है, तो वेतन में भी तदनुसार कटौती की जाएगी।

जुलाई महीने से प्रभावी हुआ नया नियम

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों और शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत अमले की हाजिरी अब डिजिटल माध्यम से ही मॉनिटर की जा रही है, इसलिए सैलरी का आहरण भी इसी डेटा के आधार पर किया जाना है।

शिक्षक संघों की तरफ से बायोमेट्रिक की मांग

इस नई डिजिटल व्यवस्था पर शिक्षक संगठनों ने अपनी चिंता और असंतोष जताया है। संघ का तर्क है कि अधिकांश शिक्षकों को अपने निजी स्मार्टफोन्स में VSK ऐप डाउनलोड करना पड़ रहा है, जिससे उनकी व्यक्तिगत गोपनीयता और डेटा प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है। इसे लेकर DPI को ज्ञापन सौंपकर ऐप आधारित अटेंडेंस के बजाय बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू करने की मांग की गई है।

पारंपरिक रजिस्टरों को लेकर भी मांगा गया स्पष्टीकरण

शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग से यह भी सवाल किया है कि क्या स्कूलों में अब पारंपरिक कागजी अटेंडेंस रजिस्टर (ऑफलाइन पंजी) का चलन पूरी तरह बंद कर दिया गया है या दोनों प्रणालियां एक साथ जारी रहेंगी। इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।