September 11, 2026

नशीले इंजेक्शन की तस्करी मामले में बड़ा फैसला, युवक को 12 वर्ष का सश्रम कारावास

अंबिकापुरनशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक कड़े फैसले में विशेष न्यायाधीश (नार्कोटिक्स) अंबिकापुर अतुल कुमार श्रीवास्तव ने नशीले इंजेक्शन के तस्कर को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पांडेय ने पैरवी की।

एक साल पुराना मामला और नाटकीय गिरफ्तारी

संभागीय आबकारी उडऩदस्ता टीम को 29 सितंबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दर्रीपारा निवासी सूरज यादव (पिता गोपाल यादव) बाइक (क्रमांक सीजी 15 सीएच 0906) से हर्राटिकरा पुलिया (मेडिकल कॉलेज के पास) भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने वाला है।

सूचना पर कार्रवाई करते हुए सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के मार्गदर्शन में टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। उसके पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां बरामद हुईं:

  • 99 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन

  • 79 नग एविल इंजेक्शन

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (सी) के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था और तब से वह जमानत पर बाहर नहीं आया था।

आबकारी विभाग की अपील

अदालत के इस फैसले के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर अपराधों में जमानत मिलना बेहद कठिन होता है और इसमें सजा का प्रावधान कड़ा है। विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से भी लगातार युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और इसके कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक कर रहा है।