भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया की करारी हार का मुख्य कारण वहां की चुनौतीपूर्ण पिच और विदेशी परिस्थितियों से समय रहते सामंजस्य न बिठा पाना बताया है। युवा बल्लेबाज ने बेबाकी से स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बेहद व्यस्त शेड्यूल के बीच, अभ्यास के सीमित मौकों में भी खुद को स्थानीय हालातों के अनुसार तेजी से ढालना ही एक विश्वस्तरीय और मजबूत टीम की असली पहचान होती है। दो मैचों की इस संक्षिप्त टी20 सीरीज का दूसरा और अंतिम निर्णायक मुकाबला रविवार को इसी मैदान पर खेला जाएगा, जहां भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी।
क्रिकेट के इतिहास में पहली बार आयरलैंड ने भारत को चटाई धूल
इस पहले टी20 मुकाबले में मेजबान आयरलैंड ने खेल के हर मोर्चे पर अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए टी20 विश्व चैंपियन भारतीय टीम के खिलाफ एक ऐतिहासिक और यादगार जीत दर्ज की। आयरिश टीम ने भारतीय धुरंधरों को 34 रनों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका है जब आयरलैंड ने किसी भी फॉर्मेट में भारतीय सीनियर पुरुष टीम को पराजित करने का कारनामा किया है। मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर इस सीरीज में पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे थे, लेकिन बतौर कप्तान उनके करियर का यह पहला आगाज बेहद निराशाजनक और कड़वा साबित हुआ।
भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखरी, अभिषेक का अर्धशतक भी गया बेकार
इस मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए बोर्ड पर 182 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पूरी टीम 18.5 ओवरों में महज 148 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गई।
इस शर्मनाक हार के साथ ही भारतीय टीम सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है। पूरे मैच में भारत का शीर्ष और मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। हालांकि, सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने एक छोर संभाले रखा और शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन अपनी हाफ सेंचुरी को वह मैच जिताऊ पारी में तब्दील नहीं कर सके और उनके आउट होते ही भारत की बची हुई उम्मीदें भी समाप्त हो गईं।
हालातों से समझौता करना ही चैंपियन टीम का काम: अभिषेक शर्मा
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते हुए अभिषेक शर्मा ने कहा, "एक पेशेवर टीम के रूप में यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि हम विदेशी पिचों और मौसम के साथ कितनी जल्दी तालमेल बिठाते हैं। जब आप लगातार द्विपक्षीय सीरीज खेल रहे होते हैं, तो पूरे ग्रुप को आगे बढ़कर विपरीत परिस्थितियों के अनुकूल खुद को तैयार करना होता है, चाहे वह नेट प्रैक्टिस का समय हो या मुख्य मैच का। मुझे लगता है कि अगर आपको दुनिया में अपना दबदबा कायम रखना है, तो बहुत तेजी से बदलावों को स्वीकार करना होगा। इस मैच में भी हमारी रणनीति यही थी, लेकिन दुर्भाग्य से हम मैदान पर उसे अमलीजामा नहीं पहना सके।"

More Stories
राजस्थान के जय मूंदड़ा ने आयरलैंड के लिए किया कमाल, डेब्यू की पहली ही गेंद पर झटका विकेट
IND W vs BAN W: सेमीफाइनल की दौड़ में भारत बरकरार, शेफाली और श्री चरणी ने मचाया धमाल
RCB Next Captain: रजत पाटीदार के उत्तराधिकारी का मिला इशारा, RCB की रणनीति आई सामने